द टारगेट न्यूज डेस्क
पुलिस ने शनिवार को बताया कि दोषी ठहराए जा चुके पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल सेल से जब्त किए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। वहीं, जब्त पेन ड्राइव में फिल्में और वेब सीरीज पाई गई हैं।
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल की सिक्योरिटी डिवीजन की बैरकों में अचानक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बाद में फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने रेवन्ना को जेल के अंदर एंड्रॉयड स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हुए पाया गया था। इसके बाद सामने आए एक वीडियो में वह सामान्य कपड़ों में किसी व्यक्ति से फोन पर बात करते हुए दिखाई दिए थे। इसके बाद सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने जेल में करीब चार से पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया और रेवन्ना की बैरक से मोबाइल समेत अन्य उपकरण जब्त किए।
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने PTI को बताया कि जब्त मोबाइल फोन की जांच में कई दर्जन अश्लील वीडियो मिले हैं। हालांकि पूछताछ के दौरान रेवन्ना ने मोबाइल फोन अपना होने से इनकार किया। उनका दावा था कि दूसरे कैदी भी इस फोन का इस्तेमाल करते थे और यह फोन उनके पास बारी-बारी से आता था।
रेवन्ना ने अश्लील वीडियो डाउनलोड करने से भी इनकार किया। उनके पास से जब्त नोटबुक में परिवार के सदस्यों और परिचितों के संपर्क नंबर मिले। पुलिस के मुताबिक, कॉल लॉग से पता चला कि रेवन्ना ने बिचौलियों के जरिए परिवार के सदस्यों से कथित तौर पर अनधिकृत बातचीत की थी। इसके अलावा एक महिला मित्र को सीधे किए गए कॉल की बात भी पूछताछ में सामने आई, जिसे रेवन्ना ने स्वीकार किया।
पुलिस ने बताया कि फोन की कॉल हिस्ट्री में दर्ज सभी नंबरों पर जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे।
जेल में कैसे पहुंचा मोबाइल और सिम?
पुलिस के अनुसार, निरीक्षण के दौरान विचाराधीन कैदी प्रताप राय और दोषी पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के कब्जे वाली सेल से प्रतिबंधित मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और नोटबुक बरामद हुई थी। इसके बाद परप्पना अग्रहारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के शुक्रवार को जारी बयान के मुताबिक, जब्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड को खरीदने तथा उन्हें जेल के अंदर पहुंचाने में कथित तौर पर मदद करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि मोबाइल फोन को एक जेल वार्डर के जरिए अंदर पहुंचाया गया था, जबकि सिम कार्ड एक विचाराधीन कैदी के माध्यम से जेल में लाया गया था। पुलिस का कहना है कि इन दोनों का इस्तेमाल विचाराधीन कैदी प्रताप राय और दोषी कैदी प्रज्वल रेवन्ना कर रहे थे।
8 सितंबर को राय और रेवन्ना को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद पूछताछ के लिए दोनों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। 10 सितंबर को अदालत के आदेश के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया।



















