टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल की। उन्होंने अपना दिन देहरादून में विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) बच्चों के साथ बिताया। इस दौरान उन्होंने न केवल बच्चों के साथ समय बिताया, बल्कि उनके हौसलों की सराहना करते हुए समाज को एक बड़ा संदेश दिया।
सहानुभूति से परे सशक्तिकरण का संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि दिव्यांग बच्चों को केवल दया या सहानुभूति की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए सशक्तिकरण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव मंच प्रदान किया जाएगा।
दिव्यांग बच्चे हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं। इन्हें केवल सहानुभूति की नहीं, बल्कि समान अवसर और सशक्तिकरण की आवश्यकता है। हमारा प्रयास है कि ये बच्चे आत्मनिर्भर बनें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें।
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने बच्चों के साथ केक काटा और उन्हें उपहार भेंट किए। उन्होंने वहां मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों से भी संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि वे अपनी बाधाओं को पार कर आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रमुख बिंदु:
- दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष कौशल विकास केंद्रों की स्थापना पर जोर।
- समाज में दिव्यांगजनों के प्रति दृष्टिकोण बदलने की अपील।
- सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने का संकल्प।
- बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा।
मुख्यमंत्री की इस सादगी भरी पहल की सराहना करते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का जन्मदिन इस तरह मनाना समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण पेश करता है।



















