टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: पंजाब की राजनीति में उस समय तनाव बढ़ गया जब वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर पठानकोट जाते समय कथित तौर पर हमला किया गया। बिट्टू ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थकों ने उनके काफिले को घेरकर न केवल पथराव किया, बल्कि अंडे भी फेंके। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
हमले का विवरण और बिट्टू का दावा
रवनीत सिंह बिट्टू ने घटना के तुरंत बाद मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था। उन्होंने दावा किया कि हमलावर ‘आप’ के कार्यकर्ता थे और वे पूरी तैयारी के साथ वहां मौजूद थे। बिट्टू के अनुसार, जब उनका काफिला रास्ते से गुजर रहा था, तो अचानक भीड़ ने उन्हें घेर लिया और गाड़ियों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
हम पर जानलेवा हमला किया गया है। यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिससे साफ पता चलता है कि प्रशासन और सत्ताधारी दल की मिलीभगत है। मैं सुरक्षित हूं, लेकिन यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है। – रवनीत सिंह बिट्टू
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
भाजपा नेता ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। बिट्टू का आरोप है कि जब उन पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें अपनी जान बचाने के लिए एक स्थानीय घर में शरण लेनी पड़ी। उन्होंने बताया कि उस घर को भी बाद में उग्र भीड़ ने घेर लिया था, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
मुख्य बिंदु:
- रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर पठानकोट जाते समय हुआ हमला।
- भाजपा का आरोप: आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने की पत्थरबाजी और अंडे फेंके।
- पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, बिट्टू ने मिलीभगत का लगाया आरोप।
- घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी रोष, सुरक्षा की मांग तेज।
फिलहाल, इस घटना के बाद से पंजाब भाजपा के नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



















