Home Punjab राजोआणा की PM को चिट्ठी, दया याचिका पर मांगा फैसला

राजोआणा की PM को चिट्ठी, दया याचिका पर मांगा फैसला

पटियाला। राजवीर दीक्षित 

(Rajoana writes to PM, seeks decision on mercy petition) पटियाला सेंट्रल जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पत्र लिखकर अपनी दया याचिका पर जल्द अंतिम फैसला लेने की मांग की है। 16 सितंबर को जेल से लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि वह तीन दशक से अधिक समय से जेल में हैं और करीब दो दशक से अपनी मौत की सजा के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

15 साल से फैसले का इंतजार

राजोआणा ने पत्र में दावा किया कि उनकी सजा से संबंधित याचिका करीब 15 वर्षों से केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि इतने लंबे समय तक मामले पर फैसला लंबित रहने की स्थिति को अब समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहे उनकी सजा बरकरार रखने का फैसला करे, लेकिन अंतिम निर्णय लिया जाए।

2019 के फैसले का भी जिक्र

पत्र में राजोआणा ने गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 2019 में केंद्र की ओर से की गई घोषणा का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि उस घोषणा के बावजूद उनके मामले में अब तक फैसला क्यों नहीं हुआ।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की ओर से रखे गए उस पक्ष का भी उल्लेख किया, जिसमें सरकार ने दया याचिका पर फैसला टालने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और पंजाब में कानून-व्यवस्था पर संभावित असर का हवाला दिया था।

2007 में सुनाई गई थी मौत की सजा

राजोआणा को पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मामले में 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी। मार्च 2012 में उनकी फांसी के लिए डेथ वारंट भी जारी हुआ था और 31 मार्च 2012 को फांसी तय की गई थी। बाद में केंद्र सरकार ने फांसी पर रोक लगा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में भी मामला उठा

राजोआणा की दया याचिका को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र से पूछा था कि लंबे समय से मौत की सजा के बावजूद उनकी फांसी अब तक क्यों नहीं हुई।

अब जेल से लिखी नई चिट्ठी में राजोआणा ने प्रधानमंत्री से अपनी लंबित दया याचिका पर जल्द और अंतिम निर्णय लेने की अपील की है।

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