Home Khas Khaber TMC के दो गुटों को नए नाम-सिंबल, फुटबॉल बनाम लिफाफा

TMC के दो गुटों को नए नाम-सिंबल, फुटबॉल बनाम लिफाफा

नई दिल्ली/कोलकाता। टारगेट न्यूज नेटवर्क 

(New names and symbols for two TMC factions: Football vs. Envelope) पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर चुनाव आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों को अलग-अलग पहचान दे दी है। ममता बनर्जी गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिह्न, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ चिह्न दिया गया है।

आयोग ने इससे एक दिन पहले दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया था। नए नाम और सिंबल फिलहाल अंतरिम व्यवस्था हैं; मूल पार्टी नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम फैसला अभी लंबित है।

6 अक्टूबर को उपचुनाव

नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। दोनों सीटों के उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग पहले ही कार्यक्रम जारी कर चुका है।

ममता ने फैसले पर जताई आपत्ति

चुनाव आयोग के फैसले पर ममता बनर्जी ने अपने पारंपरिक चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वह न झुकेंगी और न हार मानेंगी। उन्होंने बागी नेताओं पर भी निशाना साधा और उन्हें BJP की ‘A-टीम’ बताया—यह उनकी राजनीतिक टिप्पणी है, जिसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

58 विधायक पहले ही अलग गुट में

TMC में विवाद विधानसभा से लेकर संसद तक पहुंच चुका है। जून 2026 में पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने अलग रुख अपनाते हुए ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में समर्थन दिया था।

संसद में भी बगावत का असर दिखा। TMC के 28 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने अलग समूह बनाने और NDA को समर्थन देने का दावा किया था।

अब चुनाव मैदान में नई पहचान

चुनाव आयोग के नए आदेश के बाद दोनों धड़े आगामी उपचुनावों में अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अंतिम विवाद निपटने तक लागू रहेगी।

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