मोहाली। टारगेट न्यूज नेटवर्क
(ED tightens its grip on GMADA, Chief Engineer’s room sealed) ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के मोहाली स्थित कार्यालय में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। रिपोर्टों के मुताबिक, ED की टीमों ने कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच शुरू की। कार्रवाई को GMADA से जुड़े CLU और रियल एस्टेट मामलों की चल रही जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। ED की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
चीफ इंजीनियर का कमरा सील, अधिकारियों से पूछताछ
रिपोर्टों के अनुसार, ED की टीम ने GMADA के चीफ इंजीनियर के कार्यालय को सील किया। वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में अधिकारियों के मोबाइल फोन कब्जे में लिए जाने और रिकॉर्ड की जांच किए जाने का दावा किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई में जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली से आई ED की टीमें शामिल हैं। हालांकि, कार्रवाई का पूरा दायरा और जब्ती से जुड़ी जानकारी एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।
₹150 करोड़ से ज्यादा के मामले की जांच
ED पहले से GMADA क्षेत्र में Change of Land Use (CLU) से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेजों और रियल एस्टेट लेनदेन की जांच कर रही है। सनटेक सिटी समेत कुछ प्रोजेक्ट इस जांच के दायरे में बताए गए हैं।
मई 2026 में ED ने इस मामले में करीब 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के मुताबिक, सनटेक सिटी से जुड़े मामले में कथित फर्जी सहमति पत्रों के जरिए CLU हासिल करने और ₹150 करोड़ से अधिक रकम जुटाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
पहले भी अधिकारियों से हो चुकी है पूछताछ
GMADA और CLU मामले की जांच में इससे पहले भी सरकारी अधिकारियों को ED के सामने पेश होना पड़ा है। मई में GMADA के मुख्य प्रशासक को भी पूछताछ और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए समन किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
मई की रेड में मिला था कैश
इस मामले में 7 मई 2026 को मोहाली-चंडीगढ़ में ED की कार्रवाई काफी चर्चा में रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, खरड़ की वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी से करीब ₹21 लाख नकद बरामद हुआ था। ED की जांच में सनटेक सिटी और अन्य रियल एस्टेट प्रोजेक्टों से जुड़े कथित CLU अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन को खंगाला गया था।
राजनीतिक आरोप भी सामने आए
ED की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार और अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल GMADA ऑफिस में ED की कार्रवाई जारी है। अब जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी ने किन दस्तावेजों और अधिकारियों से जुड़ी जानकारी जुटाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
















