Home Himachal Pradesh प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ का विरोध, टांडा अस्पताल में RDA की हड़ताल

प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ का विरोध, टांडा अस्पताल में RDA की हड़ताल

टांडा । राजवीर दीक्षित

(RDA on strike at Tanda Hospital in protest against the molestation of a trainee doctor) हिमाचल प्रदेश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा के ब्लड बैंक में पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित छेड़छाड़ का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) टांडा खुलकर पीड़ित डॉक्टर के समर्थन में उतर आई है। RDA ने घटना के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज दो घंटे तक काम का बहिष्कार किया, जिसके चलते सुबह के समय अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा।

RDA ने आरोपित लैब असिस्टेंट जानी धीमान को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और गिरफ्तार करने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने ब्लड बैंक में पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुई कथित छेड़छाड़ की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मामले में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

RDA अध्यक्ष डॉ. क्रांति बिष्ट, महासचिव डॉ. आर्यन गुलेरिया और प्रेस सचिव डॉ. मयूर ने कहा कि आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 और POSH Act के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोपित की गिरफ्तारी की भी मांग की है। RDA पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित और तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो रेजिडेंट डॉक्टर बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। मामले को लेकर सोमवार को आगे की रणनीति तय की जाएगी।

दरअसल, ओबीजी विभाग की प्रथम वर्ष की पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर ने चिकित्सा अधीक्षक को दी शिकायत में पूरी घटना का विवरण दिया है। शिकायत के अनुसार, 28 सितंबर को शाम करीब 4:30 बजे वह एक मरीज के लिए प्लेटलेट्स की व्यवस्था करने ब्लड बैंक पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात लैब असिस्टेंट ने उनके साथ छेड़छाड़ की। डॉक्टर किसी तरह वहां से बचकर बाहर निकल गईं। इसके बाद उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर घटना की जानकारी दी और आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अब इस मामले में RDA की हड़ताल और गिरफ्तारी की मांग ने अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा दिया है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध के और तेज होने के संकेत दिए गए हैं।

 

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