केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को भेजा गया पत्र, ठेकेदारों पर श्रम कानूनों के उल्लंघन की शिकायत; BJP नेता सुभाष शर्मा ने की पहल
नंगल। राजवीर दीक्षित
नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) की नंगल इकाई में ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों के कथित आर्थिक शोषण का मामला सामने आया है। इस संबंध में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मनसुख मांडविया को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की गई है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने के बाद कथित तौर पर प्रत्येक कर्मचारी से ₹2,000 से ₹3,000 तक की राशि नकद वापस ले लेते हैं। यदि इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो यह कर्मचारियों के आर्थिक हितों और श्रम अधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला हो सकता है।
इसके अलावा, ठेकेदारों द्वारा श्रम कानूनों के तहत निर्धारित प्रावधानों का उचित पालन नहीं किए जाने की भी शिकायतें उठाई गई हैं। आशंका जताई गई है कि इससे कर्मचारियों को उचित वेतन, वैधानिक अधिकारों और अन्य देय सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है।
वेतन रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया गया है कि श्रम मंत्रालय के स्तर पर तत्काल उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर उसे NFL नंगल भेजा जाए। जांच के दौरान कर्मचारियों के वेतन रिकॉर्ड, बैंक खातों में किए गए भुगतान, कथित नकद वसूली, ठेकेदारों के दस्तावेजों और श्रम कानूनों के अनुपालन की निष्पक्षता से जांच की जाए।
पत्र में यह भी मांग की गई है कि कर्मचारियों के बयान गोपनीय रूप से दर्ज किए जाएं, ताकि वे किसी दबाव या प्रतिशोध के डर के बिना अपनी शिकायतें सामने रख सकें।
आरोप सही मिले तो हो सख्त कार्रवाई
पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, कर्मचारियों से कथित तौर पर वसूली गई राशि वापस दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
फिलहाल, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


















