Home Punjab Punjab News स्मार्ट राशन कार्ड वेरिफिकेशन ड्यूटी को लेकर विवाद, शिक्षकों को नोटिस; कार्रवाई की चेतावनी

स्मार्ट राशन कार्ड वेरिफिकेशन ड्यूटी को लेकर विवाद, शिक्षकों को नोटिस; कार्रवाई की चेतावनी

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

(Dispute over smart ration card verification duty; notices issued to teachers, warning of action) लुधियाना, अमृतसर, बरनाला समेत पंजाब के कई जिलों में स्मार्ट राशन कार्ड की वेरिफिकेशन ड्यूटी पर न पहुंचने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में शिक्षकों को ड्यूटी पूरी नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, नोटिस पाने वाले शिक्षक इसे लेकर असमंजस में हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को शिक्षकों को इस ड्यूटी से राहत देने के निर्देश दिए गए थे। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अध्यक्ष विक्रम देव सिंह ने कहा कि जब तक राज्य सरकार की ओर से औपचारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक DEO का शिक्षकों को ड्यूटी पर न जाने के लिए कहना स्पष्ट नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि पहले जारी किए गए ड्यूटी आदेश वापस लेने के लिए मुख्य सचिव कार्यालय से औपचारिक आदेश जारी होना चाहिए।
शिक्षकों ने कई जिलों में जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने वेरिफिकेशन अभियान में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। पटियाला में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर से मुलाकात कर उन्हें पहले से सौंपे गए अतिरिक्त कार्यों की सूची भी सौंपी। इसके बाद वहां शिक्षकों को नोटिस जारी नहीं किए गए।
एक वरिष्ठ शिक्षा विभाग अधिकारी ने बताया कि शिक्षक पहले से ही अतिरिक्त कार्यों के बोझ तले दबे हुए हैं। DEO को जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मामला उठाने को कहा गया है, ताकि राशन कार्ड वेरिफिकेशन का काम अन्य विभागों से करवाया जा सके।
लुधियाना में 314 शिक्षकों को नोटिस
लुधियाना जिले में 11 सितंबर को आयोजित विशेष ट्रेनिंग सेशन में शामिल नहीं होने पर 314 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं बरनाला जिले के टप्पा, भदौड़, तलवंडी, भोतना, टिक्कोने भदौड़ और बदरा में तैनात शिक्षकों को भी नोटिस मिले हैं।
टप्पा SDM कार्यालय की ओर से 11 शिक्षकों को भेजे नोटिस में कहा गया कि उन्हें 4 सितंबर से वेरिफिकेशन का कार्य सौंपा गया था, लेकिन अभी तक एक भी वेरिफिकेशन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। नोटिस में चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय तक काम नहीं दिखाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों का कहना है कि इसके बावजूद अब तक उन्हें कोई काम उपलब्ध नहीं कराया गया है।
पहले से कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां
शिक्षकों का कहना है कि इस समय उनके पास पहले से ही कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां हैं। इनमें Special Intensive Revision, Census, Drug Census, पराली जलाने की रोकथाम, स्थानीय निकाय चुनाव, ‘खेडां वतन पंजाब दियां’, हेल्थ कार्ड और बाढ़ से संबंधित ड्यूटी शामिल हैं।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पिछले महीने विधानसभा में बताया था कि राज्य में 31,370 शिक्षकों के पद खाली हैं, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग एक-चौथाई है। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर संबंधित विभागों को निर्देश देने की मांग भी की थी कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए।

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