शिकायत 6 अक्टूबर को दाखिल की गई थी। मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) शिवम गुप्ता की अदालत में प्री-समनिंग साक्ष्य के चरण में लंबित है। अदालत में अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
टीवी इंटरव्यू के बयानों पर विवाद
शिकायतकर्ता के मुताबिक, मैरी कॉम ने 11 जनवरी 2026 को एक टीवी कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। आरोप है कि लाइव स्टूडियो दर्शकों के सामने दिए गए और बाद में प्रसारित हुए बयानों से उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
पूर्व पति का दावा है कि इन बयानों से दर्शकों के बीच उनकी छवि बेईमान, बेरोजगार और गैर-जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में बनी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ आर्थिक मामलों और बच्चों के प्रति जिम्मेदारियों को लेकर भी गलत धारणाएं पेश की गईं।
पूर्व पति ने दी अपनी दलील
करोंग ओंखोलर ने शिकायत में कहा कि उनकी शादी मैरी कॉम से 12 मार्च 2005 को हुई थी और दोनों फरीदाबाद में साथ रहे। उनके अनुसार, 20 दिसंबर 2023 को पारंपरिक रीति से विवाह समाप्त हुआ।
शिकायतकर्ता का दावा है कि शादी के दौरान उन्होंने अपने करियर और पेशेवर गतिविधियों का त्याग कर मैरी कॉम के बॉक्सिंग करियर को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया। उन्होंने मैरी कॉम के कथित बयान कि उनके पास कोई करियर नहीं था और वे कभी रोजगार में नहीं रहे, को गलत बताया है।
BNS की धारा 356 के तहत शिकायत
पूर्व पति ने अधिवक्ता आकाश कृष्णा और प्रगति शर्मा के माध्यम से अदालत का रुख किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि टीवी कार्यक्रम में दिए गए बयानों से उनकी नैतिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा और एक पिता के रूप में उनकी स्थिति को नुकसान पहुंचा।
मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि से संबंधित है। फिलहाल ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं, अदालत ने अभी इन पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अब मामले की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि शिकायत पर आगे कानूनी कार्यवाही के लिए पर्याप्त आधार बनता है या नहीं।


















