टारगेट न्यूज़ विशेष कवरेज: हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में एशियन गेम्स की महिला कबड्डी स्वर्ण पदक विजेता ऋतु नेगी को लेकर स्पष्ट किया है कि उन्हें नकद पुरस्कार सूची से बाहर नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा है कि पात्र खिलाड़ियों के चयन और नाम तय करने की प्रक्रिया अभी जारी है और सभी योग्य खिलाड़ियों को नियमानुसार एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए नकद राशि को 33 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की घोषणा की गई थी। इस प्रेस विज्ञप्ति में ऋतु नेगी का नाम न होने के कारण खेल जगत और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिस पर अब सरकार की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
प्रमुख आकर्षण और बिंदु (Highlights)
- हिमाचल प्रदेश सरकार ने एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता महिला कबड्डी खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि 33 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की है।
- ऋतु नेगी का नाम शुरुआती प्रेस विज्ञप्ति में न होने पर असमंजस की स्थिति पैदा हुई थी।
- सरकार के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और पात्रता के आधार पर सभी को पुरस्कार मिलेगा।
- हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री से ऋतु नेगी के मामले में विशेष रूप से विचार करने का आग्रह किया है।
- पूर्व खेल अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के असमंजस से बचने के लिए खेल नीति में पात्रता के नियमों को और अधिक स्पष्ट किया जाना चाहिए।
पूरे घटनाक्रम की कहानी (Full Story)
एशियन गेम्स में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला कबड्डी टीम की कप्तान और प्रमुख खिलाड़ियों में शुमार ऋतु नेगी का नाम हाल ही में जारी हुई एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में शामिल नहीं था। जब सरकार ने महिला कबड्डी खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार राशि को 33 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधा एक करोड़ रुपये करने की घोषणा की, तो सूची से ऋतु नेगी का नाम गायब देखकर कई तरह के सवाल उठने लगे। इस बारे में जब मीडिया ने सरकार से सवाल किया, तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया।
नरेश चौहान ने मीडिया को बताया कि ऋतु नेगी का नाम इसलिए छूट गया क्योंकि वह उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थीं जो हाल ही में मुख्यमंत्री से मिलकर पुरस्कार राशि बढ़ाने की मांग को लेकर मिला था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केवल अभी नकद पुरस्कार राशि में भारी वृद्धि करने की घोषणा की है। इसके बाद खेल विभाग द्वारा पूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। खिलाड़ियों को इसके लिए आवेदन करना होगा जिसके बाद खेल विभाग उनकी पात्रता की जांच करेगा। खेल विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि कौन-कौन खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के वास्तव में हकदार हैं।
दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार भारanta ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि एसोसिएशन जल्द ही राज्य सरकार से औपचारिक अनुरोध करेगी कि ऋतु नेगी के मामले पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने पुरस्कार राशि को 33 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया है। पिछली बार भी ऋतु नेगी को यह पुरस्कार मिला था और मौजूदा खेल नीति के नियमों के अनुसार भी वह इस पुरस्कार के लिए पूरी तरह योग्य हैं, इसलिए सरकार को उन्हें भी इस सम्मान से वंचित नहीं रखना चाहिए।
मुख्य सवाल और उनके जवाब (Key Questions & Answers)
सवाल 1: क्या ऋतु नेगी को एक करोड़ रुपये के पुरस्कार से बाहर कर दिया गया है?
जवाब: नहीं, सरकार ने साफ कर दिया है कि उन्हें बाहर नहीं किया गया है। नाम केवल इसलिए नहीं आया क्योंकि वह खिलाड़ियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मिलने नहीं गई थीं और औपचारिक प्रक्रिया अभी बाकी है।
सवाल 2: पुरस्कार प्राप्त करने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है?
जवाब: खिलाड़ियों को नियमानुसार आवेदन करना होगा और खेल विभाग उनकी पात्रता की जांच करने के बाद अंतिम सूची तैयार करेगा।
सरकार ने एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है। खेल विभाग यह तय करेगा कि कौन-कौन खिलाड़ी इसके हकदार हैं और सभी पात्र खिलाड़ियों को उनका हक मिलेगा। – नरेश चौहान, प्रधान मीडिया सलाहकार, मुख्यमंत्री
समापन और निष्कर्ष (Conclusion)
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो जाता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को सम्मानित करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हालांकि शुरुआती दौर में प्रशासनिक स्तर पर हुई छोटी सी चूक या संवादहीनता के कारण कुछ असमंजस की स्थिति जरूर पैदा हुई, लेकिन सरकार और खेल संघ के बयानों से यह साफ हो गया है कि ऋतु नेगी जैसी दिग्गज खिलाड़ी को उनकी योग्यता के आधार पर उनका हक जरूर मिलेगा। खेल विशेषज्ञों का यह भी सुझाव है कि भविष्य में ऐसी किसी भी दुविधा से बचने के लिए राज्य की खेल नीति में दिशानिर्देशों को पूरी तरह पारदर्शी और स्पष्ट रखा जाना चाहिए।


















