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केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में स्वदेशी उत्पादों और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर संगोष्ठी

पंडोगा (ऊना)। राजवीर दीक्षित 

(Seminar on Promoting Indigenous Products and Entrepreneurship at KC Group of Institutions) केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, पंडोगा के प्रबंधन विभाग की ओर से स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से ‘नवाचार एवं उद्यमिता : मेक इन इंडिया और भारतीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार की सोच विकसित करना, उद्यमिता के प्रति रुचि बढ़ाना, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।

संगोष्ठी में संस्थान के निदेशक विवेक परिहार, मानव संसाधन प्रमुख अमित जयरथ, प्रबंधन विभागाध्यक्ष गगनदीप सिंह सहित स्वदेशी जागरण मंच से सत्यदेव शर्मा, पंकज सहोड़, सुरिंदर सिंह ठाकुर, जितेंद्र बाली और इकबाल सिंह ने भाग लिया। कार्यक्रम में बीबीए, बीसीए, एमबीए और बीटेक विभागों के प्राध्यापकों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

वक्ताओं ने नवाचार, उद्यमिता, कौशल विकास और स्वदेशी विनिर्माण को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से रचनात्मक सोच विकसित करने, नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान करने और अपनी प्रतिभा को व्यावहारिक समाधानों में बदलने का आह्वान किया। वक्ताओं ने मेक इन इंडिया पहल का उल्लेख करते हुए भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, स्थानीय कारोबार को सहयोग देने और देश के घरेलू उद्योगों को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।

संगोष्ठी में कहा गया कि युवा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विद्यार्थियों को केवल रोजगार तलाशने वाले बनने के बजाय रोजगार सृजित करने वाले बनने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने बाजार की जरूरतों को समझने, उद्यमशील कौशल विकसित करने और नए विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने की दिशा में प्रयास करने का संदेश दिया। साथ ही, स्वदेशी आंदोलन को स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को गति देने का प्रभावी माध्यम बताया।

संस्थान के निदेशक विवेक परिहार ने इस पहल की सराहना करते हुए उच्च शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। मानव संसाधन प्रमुख अमित जयरथ ने आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में व्यावसायिक कौशल, उद्योग जगत की जानकारी और करियर की तैयारी को आवश्यक बताया। वहीं, प्रबंधन विभागाध्यक्ष गुरदीप सिंह ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और उद्यमशील सोच विकसित करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का समन्वय सुमन और प्रिया ने किया। आयोजन को सफल बनाने में प्राध्यापक दीक्षा, रितु जसवाल, नविता, सिमरन, काजल और गुरपाल सिंह ने सहयोग दिया। बीबीए, बीसीए, एमबीए और बीटेक के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने संगोष्ठी को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बनाया।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों से नवाचार को अपनाने, उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने, स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया। इस पहल के माध्यम से केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने शिक्षा को व्यावहारिक कौशल, उद्यमशील सोच, राष्ट्रीय विकास और भारतीय उत्पादों के प्रोत्साहन से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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