चंबा । राजवीर दीक्षित
(15-year wait ends in Khajjiar; construction of Mangla-Tapoon road begins) हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय के साथ लगते मंगला-टपूण संपर्क मार्ग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पिछले कई वर्षों से बदहाल सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। लोक निर्माण विभाग ने आखिरकार सड़क पर टारिंग का कार्य शुरू कर दिया है। जगह-जगह बजरी उखड़ने, रोड़ी बिखरी होने और सड़क की खराब हालत के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा बना हुआ था। फिसलन और उबड़-खाबड़ सड़क के कारण चालक गिरकर चोटिल हो रहे थे।
सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों के सफर को मुश्किल बना दिया था, लेकिन अब निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
वाहन चालकों और राहगीरों की समस्याओं को देखते हुए दैनिक जागरण ने 12 सितंबर को इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने टारिंग का काम शुरू कर दिया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि सड़क से गुजरने वाले लोगों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सकेगा।
मंगला-टपूण संपर्क सड़क का निर्माण कार्य करीब 15 वर्ष पहले वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। हालांकि, लगभग तीन किलोमीटर सड़क बनने के बाद निर्माण कार्य ठप पड़ गया। इसके बाद वर्ष 2020 में दोबारा काम शुरू किया गया, जिससे टपूण गांव सड़क सुविधा से जुड़ सका। इसके बावजूद सड़क को पूरी तरह पक्का करने का इंतजार बना रहा।
करीब छह माह पहले सड़क को पक्का करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। ठेकेदार ने लगभग तीन किलोमीटर हिस्से में बजरी बिछाई, लेकिन इसके बाद काम फिर रुक गया। लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण सड़क पर बिछाई गई रोड़ी भी उखड़ने लगी। इससे सड़क की हालत दोबारा खराब हो गई और वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ गईं।
कई बार शुरू हुआ काम, कई बार लगा ब्रेक; अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण का यह सिलसिला इस बार अधूरा नहीं रहेगा।
अब लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क की मरम्मत के साथ कई जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। बरसात के दौरान जगह-जगह गिरने वाले मलबे को हटाने, तंग स्थानों को चौड़ा करने, सड़क किनारे नालियां बनाने और सड़क पर तारकोल बिछाकर इसे पक्का करने का कार्य किया जा रहा है। इन कार्यों से सड़क की स्थिति में सुधार आने और आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
करीब आठ से दस किलोमीटर लंबे इस संपर्क मार्ग से ओड़ा और टापून पंचायतों के लगभग पांच हजार ग्रामीणों को लाभ मिलता है। यह सड़क ओड़ा पंचायत के कंदारा, संदेटा, ठंडारा और सिया गांवों के साथ टापून पंचायत के प्रोटा, टापून और ग्रोटा-द्रबला गांवों को जोड़ती है। ऐसे में इस सड़क की बेहतर स्थिति दोनों पंचायतों के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण लंबे समय से सड़क की खस्ता हालत सुधारने, संकरे हिस्सों को चौड़ा करने, दुर्घटना संभावित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने और सड़क को पक्का करने की मांग उठा रहे थे। बरसात के दिनों में मलबा गिरने की समस्या भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती रही है।
अब सड़क पर टारिंग शुरू होने से ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी है। लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा और उन्हें वर्षों पुरानी परेशानी से स्थायी राहत मिलेगी। हालांकि, सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए टारिंग के साथ नालियों, मलबा हटाने, संकरे हिस्सों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी होगा

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