हमीरपुर । राजवीर दीक्षित
(Did ragging backfire? 7 seniors from Hamirpur Medical College under investigation; face threat of expulsion!) हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र के साथ कथित रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत सामने आई है। मामले में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के सात छात्रों की भूमिका की जांच की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एंटी रैगिंग कमेटी के माध्यम से जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कथित घटना शनिवार को हुई थी। इसके बाद प्रथम वर्ष के छात्र ने मामले को लेकर शिकायत की। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता छात्र दूसरे राज्य का निवासी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, संस्थान को ई-मेल के माध्यम से एक गुमनाम शिकायत मिली थी। शिकायत की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सोमवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान संदेह के घेरे में आए कुछ छात्रों को एक-एक कर कमेटी के समक्ष बुलाया गया। बंद कमरे में उनसे पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए।
जांच का मुख्य उद्देश्य कथित घटना की परिस्थितियों, घटनास्थल और संबंधित छात्रों की भूमिका का पता लगाना है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना कॉलेज परिसर में हुई थी, छात्रावास में या फिर बाहर किसी किराये के कमरे में। कमेटी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि गुमनाम शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि एंटी रैगिंग कमेटी निष्पक्ष तरीके से मामले की जांच कर रही है।
प्राचार्य के अनुसार, जांच में कोई छात्र दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें कॉलेज से निष्कासन भी शामिल हो सकता है।
फिलहाल जांच जारी है और किसी छात्र की संलिप्तता साबित नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।


















