(Diwali for railway employees: 78-day bonus approved) केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस पर करीब 2,009 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, कैबिनेट ने दिव्यांगों की पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने के फैसले को भी मंजूरी दी है।
रेलवे कर्मचारियों को 17,951 रुपये तक बोनस
रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। इस आधार पर 78 दिन के बोनस की अधिकतम राशि 17,951 रुपये बनती है। वास्तविक भुगतान कर्मचारी की पात्रता और लागू नियमों के अनुसार होगा।
सरकार के मुताबिक, रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जबकि इस दौरान करीब 7.41 अरब यात्रियों ने रेल यात्रा की। बोनस का उद्देश्य कर्मचारियों के योगदान को प्रोत्साहित करना और रेलवे के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करना है।
दिव्यांगों की पेंशन के नियमों में बदलाव
कैबिनेट ने दिव्यांगों की पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने का प्रावधान है। इससे निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले अधिक दिव्यांगजन लाभ के दायरे में आ सकेंगे।
बताई गई दरों के अनुसार, 0 से 79 वर्ष की उम्र के पात्र लाभार्थियों को 375 रुपये और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लाभार्थियों को 625 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। नई व्यवस्था के लागू होने की समयसीमा और पात्रता से जुड़े विस्तृत नियम सरकारी दिशानिर्देशों से स्पष्ट होंगे।
सामाजिक सहायता योजना पर 53,428 करोड़ खर्च
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस अवधि में योजना पर 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सहायता मिलने का अनुमान है।
योजना के तहत पात्र बुजुर्गों और विधवाओं को पेंशन, दिव्यांगों को आर्थिक सहायता तथा परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर पात्र परिवारों को मदद दी जाती है। इस कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त, 1995 को जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से हुई थी।
तीन पेंशन योजनाओं के नाम बदलने का फैसला
कैबिनेट के फैसलों में तीन पेंशन योजनाओं के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटाकर ‘प्रधानमंत्री’ शब्द जोड़ने की बात भी शामिल है। योजनाओं के नए नाम और संशोधित नियमों का आधिकारिक विवरण लागू होने की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।
सरकार का कहना है कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम के जरिए बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
















