FIR संसद मार्ग थाने में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। ACP विवेक भगत नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस सब-डिवीजन में तैनात हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान टिप्पणी का आरोप
शिकायत के अनुसार, 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान ACP ने आरोप लगाया कि पत्रकार ने सार्वजनिक रूप से उनकी जाति और नियुक्ति को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं। अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने उस समय टिप्पणी को नजरअंदाज कर अपनी ड्यूटी जारी रखी।
ACP की शिकायत में आगे आरोप लगाया गया कि दोपहर करीब तीन बजे प्रदर्शनकारियों को संभालने और हिरासत में लेने के दौरान पत्रकार ने उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। अधिकारी का कहना है कि पत्रकार और उनके साथ मौजूद लोगों के बार-बार विरोध करने से सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ।
थाने के बाहर प्रदर्शन और सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र
FIR के मुताबिक, उसी शाम संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया और ACP के खिलाफ नारे लगाए गए। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया मंच X और Instagram पर पोस्ट तथा रील के जरिए उनके खिलाफ आरोप प्रसारित किए गए। शिकायत में कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
ACP ने दावा किया कि इन टिप्पणियों और पोस्ट से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायत में लगाए गए हैं और इनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पत्रकार के आरोपों की अलग जांच
इस मामले का दूसरा पक्ष यह है कि महिला पत्रकार ने ACP विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, पत्रकार की शिकायत को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा गया है और उस पर अलग से जांच चल रही है।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों पर जांच जारी है। किसी भी पक्ष के आरोपों को अदालत में साबित होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।


















