झोटा हत्याकांड में प्रेगाबालिन को लेकर उठे विवाद के बीच पंजाब के केमिस्टों ने लिया फैसला, मरीजों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन (PCA) ने पूरे राज्य में प्रेगाबालिन समेत आदत डालने वाली सभी दवाओं की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया है। इस निर्णय से खासकर उन मरीजों को परेशानी हो सकती है, जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य बीमारियों के उपचार के लिए डॉक्टरों की सलाह पर इन दवाओं का नियमित सेवन करते हैं।
एसोसिएशन ने आज अपने विभिन्न यूनिटों के अध्यक्षों, सचिवों और सदस्यों को इस फैसले की जानकारी देते हुए निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के केमिस्टों को तुरंत सूचित करें और निर्णय का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
एसोसिएशन ने केमिस्टों को यह भी सलाह दी है कि उनके पास पहले से उपलब्ध दवाओं के स्टॉक का निपटारा लागू कानूनों और अधिकृत वापसी प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाए।
पंजाब केमिस्ट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुदर्शन चौधरी ने बातचीत में कहा कि लाइसेंसधारी केमिस्टों को साइकोट्रॉपिक दवाओं का रिकॉर्ड रखने के लिए लंबी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है, इसके बावजूद उन्हें नशा तस्कर के रूप में पेश किया जा रहा है।
चौधरी ने कहा, “राज्यभर के केमिस्टों ने प्रेगाबालिन समेत आदत डालने वाली सभी दवाओं की बिक्री बंद करने का फैसला किया है। झोटा हत्याकांड में प्रेगाबालिन विवाद के केंद्र में है।”
इस फैसले का असर उन मरीजों पर पड़ने की आशंका है, जिन्हें मनोचिकित्सकों और अन्य डॉक्टरों ने ऐसी दवाएं निर्धारित की हैं। प्रेगाबालिन सहित कुछ दवाएं विशेष चिकित्सकीय स्थितियों में इस्तेमाल की जाती हैं। खुदरा केमिस्टों के पास इनकी उपलब्धता अचानक बंद होने से नियमित उपचार पर निर्भर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
मरीजों को होने वाली संभावित परेशानी के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार को इन दवाओं की उपलब्धता सरकारी केंद्रों के माध्यम से सुनिश्चित करनी चाहिए।
एसोसिएशन के अनुसार, यह निर्णय मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य जिम्मेदार फार्मेसी प्रथाओं और नशे के दुरुपयोग के खिलाफ प्रयासों के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करना तथा वैध रूप से काम कर रहे केमिस्टों की प्रतिष्ठा की रक्षा करना है।
निर्देश में सभी यूनिट अध्यक्षों और सचिवों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के केमिस्टों तक यह फैसला पहुंचाएं। किसी प्रकार की कठिनाई या स्पष्टीकरण की आवश्यकता होने पर एसोसिएशन को इसकी जानकारी देने के लिए भी कहा गया है।
हालांकि, इस निर्णय से आवश्यक प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे मरीज, जो अपनी बीमारी को नियंत्रित रखने के लिए इन दवाओं पर निर्भर हैं, उनके उपचार में बाधा आने की आशंका है। इसलिए वैकल्पिक अधिकृत आपूर्ति व्यवस्था और लगातार उपचार की जरूरत वाले मरीजों के लिए उचित प्रबंध करना महत्वपूर्ण होगा।
महत्वपूर्ण: मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी दवा बंद न करें और न ही उसकी जगह कोई दूसरी दवा लें। दवा उपलब्ध न होने पर अपने चिकित्सक से वैकल्पिक उपचार या अधिकृत आपूर्ति के बारे में संपर्क करें।


















