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आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-11-04): आज के पूज्य देव (श्री गणेश जी), पूजा विधान एवं महात्म्य

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-11-04): आज के पूज्य देव (श्री गणेश जी), पूजा विधान एवं महात्म्य

द टारगेट न्यूज़ धर्म-अध्यात्म: 2026-11-04 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव श्री गणेश जी की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: श्री गणेश जी

आज का दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की उपासना के लिए अत्यंत उत्तम है। दैनिक जीवन में धर्म का पालन करते हुए अपने कर्मों को पूरी निष्ठा से करना चाहिए। गणेश कृपा से व्यक्ति को विद्या, बुद्धि और समस्त प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल स्नान उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान श्री गणेश का ध्यान करें। गणेश जी को दूर्वा, मोदक, सिंदूर और पीले फूल अर्पित करें। ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें और अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार देवराज इंद्र के संकट निवारण हेतु भगवान गणेश ने विघ्नहर्ता के रूप में प्रकट होकर सभी बाधाओं को दूर किया था। इसी प्रसंग के आधार पर जो भक्त सच्चे मन से बुधवार या सामान्य दिनों में गणेश जी की आराधना करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट नष्ट हो जाते हैं। भगवान गणेश बुद्धि, समृद्धि और सभी कार्यों की सिद्धि प्रदान करने वाले प्रथम पूज्य देव हैं।

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