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आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-11-03): आज के पूज्य देव (भगवान शिव), पूजा विधान एवं महात्म्य

आज का धार्मिक दायित्व एवं व्रत कथा (2026-11-03): आज के पूज्य देव (भगवान शिव), पूजा विधान एवं महात्म्य

द टारगेट न्यूज़ धर्म-अध्यात्म: 2026-11-03 का विशेष धार्मिक दायित्व, आज के पूज्य देव भगवान शिव की पूजा विधि और पावन व्रत कथा।

🙏 आज के पूज्य देव: भगवान शिव

आज का दिन देवाधिदेव महादेव की साधना के लिए अत्यंत पावन और फलदायी है। नियमित रूप से शिव पूजन करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। अपने दैनिक कर्तव्यों का पालन करते हुए भगवान शिव के चरणों में ध्यान लगाने से जीवन में स्थिरता और आनंद का वास होता है।

🪔 प्रातःकाल पूजा विधान (Puja Vidhan & Mantras):

प्रातःकाल स्नान करके पवित्र वस्त्र धारण करें और भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, और शुद्ध जल से अभिषेक करें। तत्पश्चात बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और चंदन अर्पित करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। अंत में धूप-दीप जलाकर आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें।

📖 पावन व्रत कथा एवं महात्म्य (Vrat Katha & Sacred Legend):

सोमवार या सामान्य दिनों में शिव आराधना का विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार महादेवा की कृपा पाने के लिए साहुकान नामक भक्त ने विधि-विधान से व्रत और पूजन किया था। उसकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे अमंगल से बचाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस कथा के स्मरण मात्र से साधक के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं।

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