द टारगेट न्यूज़:
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 261 करोड़ रुपये के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर धोखाधड़ी मामले में पटियाला से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हर्षिल नयनभाई रावल, जसवंत सिंह, चेतन मुंजाल और प्रणव पिठड़िया के रूप में हुई है। इन लोगों को पटियाला की एक स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद हैदराबाद ले जाया गया है। यह गिरोह पहले हैदराबाद के मधापुर में एक कॉल सेंटर चला रहा था, लेकिन पुलिस की छापेमारी के बाद इन्होंने अपना संचालन पटियाला, चंडीगढ़ और मोहाली जैसे शहरों में स्थानांतरित कर लिया था। इस मामले में अब तक कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 19(1) के तहत यह कार्रवाई की है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों को निशाना बनाता था। आरोपियों ने लगभग 20 लाख अमेरिकी फोन नंबर और संबंधित व्यक्तिगत डेटा खरीदे थे, जिसे जर्मनी और फिनलैंड के सर्वर पर होस्ट किए गए ऑटो-डायलर्स के जरिए इस्तेमाल किया जाता था। अब तक 549 पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है और 6,463 अमेरिकी नंबरों पर कॉल या संदेश भेजे जाने के सबूत मिले हैं। ईडी की जांच में पता चला है कि धोखाधड़ी से अर्जित धन को रियल एस्टेट, सोना, वाहनों और विभिन्न व्यवसायों में निवेश किया गया था। चंडीगढ़ के बाहरी इलाकों में भी रियल एस्टेट में निवेश के संकेत मिले हैं। छापेमारी के दौरान ईडी ने 79 डिजिटल उपकरणों का फॉरेंसिक विश्लेषण किया, जिसमें कॉल सेंटर की चैट, लेजर, कॉल डेटा और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट बरामद हुए। इसके अलावा, पटियाला से फर्जी सरकारी दस्तावेज और नकली पहचान पत्र भी जब्त किए गए हैं। इससे पहले सितंबर में ईडी ने पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में छापेमारी की थी, जिसमें तीन कॉल सेंटर सक्रिय पाए गए थे जिनमें लगभग 220 लोग काम कर रहे थे।


















