द टारगेट न्यूज़:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का नेतृत्व करेंगे। यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब पड़ोसी राज्य पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। भाजपा का यह अभियान हरियाणा में पार्टी की तीसरी पदयात्रा है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ और चुनावी धांधली के आरोपों का मुकाबला करना है। इससे पहले रोहतक और फरीदाबाद में भी भाजपा के वरिष्ठ नेता ऐसी पदयात्राओं में शामिल हो चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरियाणा में भाजपा की ये गतिविधियां पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पंजाब के लगातार दौरे और सिख समुदाय को लुभाने के लिए की गई घोषणाएं भी इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही हैं। भाजपा नेता नितिन नवीन ने हाल ही में राहुल गांधी पर 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर निशाना साधा, जो पंजाब चुनाव के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा है। दूसरी ओर, अमित शाह के दौरे से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार के सामने आठ प्रमुख सवाल रखे हैं। कांग्रेस नेता संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह ने मांग की है कि शाह 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में विसंगतियों पर जवाब दें। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, महिला पहलवानों के साथ हुए व्यवहार और किसानों के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा है। इसके अलावा, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की लगातार विदेश यात्राओं और उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।


















