द टारगेट न्यूज़:
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को अवगत कराया है कि अभिनेता सनी देओल अभिनीत फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में चिकित्सा पेशेवरों के चित्रण को लेकर निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम एसोसिएशन (फाना), पंजाब द्वारा उठाई गई चिंताओं पर विचार किया जाएगा। यह आश्वासन अदालत में तब दिया गया जब एसोसिएशन ने फिल्म के टीज़र और प्रोमोशनल सामग्री में डॉक्टरों की छवि को लेकर याचिका दायर की थी। अदालत में भारत संघ और सीबीएफसी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि फिल्म तथा उसके टीज़र व ट्रेलर को प्रमाणन देने से पहले सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन अभ्यावेदन पर विचार किया जाएगा। न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की पीठ के समक्ष यह सुनवाई हुई, जिसमें याचिकाकर्ता एसोसिएशन के वकील ने दलील दी थी कि फिल्म के टीज़र में अस्पताल के भीतर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले को दिखाया गया है। इसके अलावा, टीज़र में ऐसे संवाद और दृश्य शामिल हैं जो डॉक्टरों पर कमीशनखोरी, अनावश्यक जांच, कदाचार और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं, जिससे जनता में चिकित्सा पेशे के प्रति अविश्वास पैदा हो सकता है। एसोसिएशन ने अपनी आपत्तियों के संबंध में सीबीएफसी अध्यक्ष को एक विस्तृत प्रतिवेदन भी सौंपा था। अदालत ने प्रतिवादियों के बयान के मद्देनजर याचिका का निपटारा कर दिया क्योंकि बोर्ड ने तय प्रक्रिया के तहत आपत्तियों पर विचार करने की बात कही है। यह फिल्म आगामी 20 नवंबर को रिलीज होने के लिए निर्धारित है।













