द टारगेट न्यूज़:
आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन का घेराव किया। यह विरोध प्रदर्शन वरिष्ठ दलित कांग्रेस नेता रंजीत सिंह तरखान माजरा के साथ कथित मारपीट और अपमान की घटना के खिलाफ किया गया। आरोप है कि यह दुर्व्यवहार उनके ही पार्टी सहयोगी वरिंदर सिंह ढिल्लों द्वारा किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने ‘दलित विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद’ और ‘सिख विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जब प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी से जवाबदेही मांगी, जो उस समय पंजाब में ‘इंसाफ रैली’ के लिए मौजूद थे, तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें कीं और बल प्रयोग किया। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लेकर सेक्टर 17 पुलिस स्टेशन ले जाया गया। चमकौर साहिब के हल्का प्रभारी जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि यह पुलिस कार्रवाई केवल आप कार्यकर्ताओं पर नहीं, बल्कि पूरे दलित समुदाय पर हमला है। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनावों में जनता कांग्रेस और भाजपा को करारा जवाब देगी। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा दलितों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है और उन्हें सम्मान व न्याय से वंचित रखा है। उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा और राजा वडिंग द्वारा दलित नेताओं के प्रति की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों का जिक्र करते हुए इसे कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता बताया। आप नेताओं ने मांग की कि वरिंदर सिंह ढिल्लों को पार्टी से बाहर निकाला जाए और उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए। आप विधायकों इशांक चब्बेवाल और रजनीश दहिया ने कहा कि चार दशकों तक कांग्रेस की सेवा करने वाले नेता को उनके बेटे के सामने अपमानित करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कांग्रेस के अन्य दलित नेताओं से भी सवाल किया कि वे अपने साथी के लिए खड़े होने के बजाय रैली में क्यों शामिल हो रहे हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि बल प्रयोग और हिरासत जैसी धमकियां उन्हें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से नहीं रोक पाएंगी।


















