चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
जानकारी के अनुसार, जगसीर सिंह आलमगढ़ (अबोहर) स्थित एक पॉलीटेक्निक कॉलेज से इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहा था। उसे 16 जुलाई को गुरूहरसहाय के मोहण के गांव के पास एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 12.10 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद जगसीर ने अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अकबर खान की अदालत में परीक्षा देने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। अदालत से अनुमति मिलने के बाद पुलिस उसे हथकड़ियों और सशस्त्र सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र लेकर पहुंची।
परीक्षा से पहले जगसीर ने कहा, “मेरा भविष्य बर्बाद हो गया। मेरे पास आगे बढ़ने के कई अवसर थे, लेकिन मैंने गलत रास्ता चुन लिया। मैं सभी युवाओं से अपील करता हूं कि वे नशे और बुरी संगत से दूर रहें।”
जांच अधिकारी हरदेव सिंह के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि जल्दी पैसा कमाने की लालच उसे नशा तस्करी के धंधे में ले गई। ANTF की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने 13 जुलाई को 5.5 किलोग्राम हेरोइन और 11 जुलाई को सीमा पार से पांच पिस्तौल भी प्राप्त किए थे।
यह मामला एक बार फिर युवाओं को नशे के खतरनाक जाल से दूर रहने का संदेश देता है कि गलत फैसला पलभर में भविष्य बर्बाद कर सकता है।



















