पंजाब। राजवीर दीक्षित
(Akali-BJP alliance formula finalized! CM to be decided after the election) पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) और BJP के बीच गठबंधन की तस्वीर अब साफ होती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग से लेकर सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद तक कई अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है।
गठबंधन के फॉर्मूले के तहत BJP अकाली दल से 3 ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। 117 विधानसभा सीटों वाले पंजाब में दोनों दलों के बीच 60 सीट BJP और 57 सीट SAD के फॉर्मूले पर सहमति बनने की बात सामने आई है। हालांकि, गठबंधन का औपचारिक ऐलान अभी बाकी है।
2024 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को बनाया आधार
सूत्रों के मुताबिक सीटों के बंटवारे के लिए 2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। BJP ने लोकसभा चुनाव में कई विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया था। पार्टी का तर्क है कि गठबंधन की स्थिति में दोनों दलों का संयुक्त वोट शेयर करीब 31.98% तक पहुंच सकता था।
BJP ने इसी प्रदर्शन के आधार पर विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटों पर दावा किया। शुरुआत में पार्टी ने करीब 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग रखकर दबाव बनाया था, लेकिन बातचीत के बाद 60 सीटों के फॉर्मूले पर बात आगे बढ़ी।
हरियाणा CM सैनी से लेकर CR पाटिल तक हुई बातचीत
गठबंधन को लेकर बातचीत के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 4 अगस्त को चंडीगढ़ में SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से मुलाकात की थी। शुरुआती बातचीत में दोनों दलों के बीच लगभग बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव था।
इसके बाद BJP ने 70 से ज्यादा सीटों की मांग रखी। वहीं, अकाली दल करीब 50% सीटों पर चुनाव लड़ने की अपनी मांग पर कायम रहा।
बाद में पंजाब BJP के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की सुखबीर बादल से मुलाकात हुई। इसमें BJP ने उन सीटों का हवाला दिया, जहां पार्टी का संगठन और चुनावी प्रदर्शन SAD से बेहतर रहा है।
CM चेहरे पर भी बनी सहमति
गठबंधन में सबसे अहम मुद्दा मुख्यमंत्री पद को लेकर था। सूत्रों के मुताबिक SAD की ओर से सुखबीर बादल को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर आगे करने की बात रखी गई थी।
हालांकि BJP ने चुनाव से पहले किसी एक नेता को CM फेस घोषित करने के बजाय चुनाव परिणाम के आधार पर मुख्यमंत्री तय करने का फॉर्मूला रखा है।
यानी चुनाव के बाद जिस पार्टी के ज्यादा विधायक होंगे, मुख्यमंत्री उसी पार्टी का होगा। वहीं दूसरी पार्टी को डिप्टी CM पद मिल सकता है। गठबंधन किसी एक चेहरे के बजाय सामूहिक रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
2020 में कृषि कानूनों पर टूटा था गठबंधन
BJP और अकाली दल का पुराना गठबंधन सितंबर 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर टूट गया था। उस समय किसान आंदोलन पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा था और BJP के खिलाफ ग्रामीण इलाकों में विरोध भी देखने को मिला था।
2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दल अलग-अलग मैदान में उतरे थे। अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों के फिर साथ आने की चर्चा ने पंजाब की सियासत को गर्म कर दिया है।
सितंबर में हो सकता है औपचारिक ऐलान
सूत्रों के अनुसार गठबंधन के समझौते पर शीर्ष स्तर पर चर्चा पूरी हो चुकी है और सितंबर में BJP-SAD गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल दोनों दल सीटों और उम्मीदवारों को लेकर आंतरिक स्तर पर रणनीति तैयार कर रहे हैं।
नोट: सीटों के 60-57 फॉर्मूले और CM पद को लेकर सामने आई जानकारी फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। दोनों दलों की ओर से औपचारिक घोषणा के बाद तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।



















