चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Amritpal Singh to Contest Punjab Assembly Elections, Declared CM Face by Party “) पंजाब की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। खडूर साहिब से सांसद और फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह को उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया है। इस ऐलान ने राज्य की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।
इस संबंध में पार्टी के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अमृतपाल सिंह 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। हालांकि, वे किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, इसका फैसला पार्टी उचित समय पर करेगी। इस मौके पर अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। इसके बावजूद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए करीब 1.97 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि जेल में बंद होने के कारण वे अब तक लोकसभा के किसी भी सत्र में शामिल नहीं हो सके हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव तक अमृतपाल सिंह की रिहाई नहीं होती, तो वे जेल से ही चुनाव लड़ेंगे। पार्टी का दावा है कि जनता का समर्थन उनके साथ है और चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा।
फिलहाल इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगामी विधानसभा चुनावों में अमृतपाल सिंह की उम्मीदवारी और उन्हें मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने का फैसला राज्य की राजनीति पर कितना प्रभाव डालता है।



















