ऊना । राजवीर दीक्षित
(Banking operations in Una affected by strike; employees hold protest rally)पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में सभी कर्मचारियों को समान लाभ देने की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर के सार्वजनिक और राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर ऊना जिले में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने शाखाओं के बाहर प्रदर्शन किया और आक्रोश रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में रोजमर्रा की कई सेवाएं प्रभावित रहीं। चेक क्लीयरेंस, नकदी जमा-निकासी, ड्राफ्ट तैयार करने और अन्य शाखा आधारित कार्यों के लिए पहुंचे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग की मांग कोई नई मांग नहीं है, बल्कि इसे लेकर पहले ही समझौता हो चुका है। कर्मचारियों के अनुसार 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके तहत सप्ताह के पांच दिनों में प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव रखा गया था।
यूनियनों का आरोप है कि समझौते को दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वित्त मंत्रालय से अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। कर्मचारियों का कहना है कि शनिवार की छुट्टी से उन्हें बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिलेगा और वे अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेंगे।
PLI को लेकर भी नाराजगी
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने संशोधित PLI स्कीम को लेकर भी विरोध जताया। यूनियनों का आरोप है कि इंसेंटिव का लाभ उच्च स्तर के अधिकारियों को अपेक्षाकृत अधिक मिल रहा है, जबकि क्लर्क और जूनियर स्टाफ को सीमित लाभ दिया जा रहा है।
कर्मचारियों की मांग है कि PLI को बैंक के समग्र प्रदर्शन से जोड़ा जाए और इसका लाभ बैंक के प्रत्येक कर्मचारी को समान आधार पर मिले। उनका तर्क है कि बैंक की सफलता किसी एक अधिकारी के प्रयास से नहीं, बल्कि चपरासी से लेकर अधिकारी तक पूरी टीम की मेहनत से संभव होती है।
इसके अलावा कर्मचारियों ने NPS के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, पेंशनभोगियों की पेंशन अपडेट करने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग भी उठाई।
बैंक यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। यूनियनों के अनुसार 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जा सकता है।



















