द टारगेट न्यूज़:
पंजाब में कांग्रेस नेता वरिंदर सिंह ढिल्लों ने अपने ऊपर लगे जातिसूचक अपमान और मारपीट के आरोपों के बीच रूपनगर जिले के चमकौर साहिब क्षेत्र स्थित गुरुद्वारा कत्लगढ़ साहिब का दौरा किया है। शुक्रवार को उन्होंने गुरुद्वारे में पहुंचकर शपथ ली कि उन्होंने साथी कांग्रेस नेता रंजीत सिंह ठरखान माजरा के खिलाफ किसी भी जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। ढिल्लों ने चुनौती दी कि उनके खिलाफ आरोप लगाने वाले लोगों को भी इस पवित्र स्थान पर आकर सच साबित करने के लिए कसम खानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए कुछ निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा एक अभियान चलाया जा रहा है। यह घटनाक्रम चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में 27 अक्टूबर को हुई एक झड़प के बाद सामने आया है, जहां रंजीत सिंह ठरखान माजरा के साथ कथित तौर पर जातिगत टिप्पणियां करने और मारपीट करने का मामला गरमाया हुआ था। शिकायत के अनुसार, जब ठरखान माजरा अपने बेटे राजनप्रीत सिंह के साथ पार्टी के काम से सेक्टर 15 स्थित कांग्रेस भवन गए थे, तब ढिल्लों और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर ढिल्लों पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने 4 नवंबर को सेक्टर 11 पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2) और 126(2) के तहत ढिल्लों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद दलित संगठनों ने 28 अक्टूबर को रूपनगर और चमकौर साहिब में प्रदर्शन कर ढिल्लों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके अलावा आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी 4 नवंबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन किया और ढिल्लों पर कार्रवाई की मांग उठाई। कांग्रेस पार्टी के भीतर भी इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष अवतार हेनरी के माध्यम से ढिल्लों को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। रूपनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के आकांक्षी माने जाने वाले वरिंदर ढिल्लों के इस कदम और शिकायतकर्ता को दी गई शपथ की चुनौती से इस राजनीतिक विवाद में एक नया मोड़ आ गया है।













