बंद चीनी मिलें खोलने और फसलों का उचित दाम देने की मांग
जालंधर। राजवीर दीक्षित
(Farmers’ show of strength from September 14 to 18) किसानों और मजदूरों के मुद्दों को लेकर पंजाब में एक बार फिर आंदोलन तेज करने की तैयारी है। किसान मजदूर कमेटी पंजाब के नेता सरवन सिंह पंधेर ने ऐलान किया है कि 14 से 18 सितंबर तक मंत्रियों के सामने पांच दिवसीय धरने दिए जाएंगे। जालंधर में किसान-मजदूर मोर्चा पंजाब की बैठक के दौरान धरनों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
सरवन सिंह पंधेर ने पंजाब के किसानों, मजदूरों और युवाओं से इन धरनों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन को और मजबूत करना जरूरी है।
बंद चीनी मिलों को तुरंत शुरू करने की मांग
पंधेर ने गन्ने और चीनी के मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन किसानों को गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
उन्होंने पंजाब सरकार से तरनतारन सहित बंद पड़ी चीनी मिलों को जल्द शुरू करने और किसानों को गन्ने का उचित रेट देने की मांग की। पंधेर ने कहा कि अगर घरेलू उत्पादन को मजबूत नहीं किया गया और किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिला तो भविष्य में देश को चीनी आयात करने की जरूरत पड़ सकती है।
बढ़ते जलस्तर को लेकर सरकार को चेताया
बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर को लेकर भी किसान नेता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सतलुज, ब्यास और रावी समेत कई नदियों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। ऐसे में संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहले से अलर्ट जारी करने और लोगों को लगातार जलस्तर की जानकारी देने की जरूरत है।
पंधेर ने केंद्र सरकार से पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए अचानक बड़ी मात्रा में पानी नहीं छोड़ने की मांग की। उन्होंने माधोपुर हेड और रणजीत सागर डैम से अचानक पानी छोड़े जाने के मुद्दे को भी उठाया।
युवाओं पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया
किसान नेता ने दिल्ली में युवाओं पर कथित पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने शंभू, खनौरी और रतनपुरा किसान आंदोलनों के दौरान हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए संबंधित मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पंधेर ने कहा कि किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा और 14 से 18 सितंबर तक होने वाले धरनों में पंजाबभर से किसानों, मजदूरों और युवाओं को लामबंद किया जाएगा।


















