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FASTag अब होगा पोर्ट, स्टिकर बदले बिना बैंक बदलें

मुंबई। राजवीर दीक्षित 

(FASTag will now be portable; switch banks without changing the sticker) FASTag यूजर्स के लिए बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। अब मोबाइल SIM की तरह FASTag को भी एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकेगा। इसके लिए वाहन की विंडशील्ड पर लगा FASTag स्टिकर बदलने या नया फिजिकल टैग लेने की जरूरत नहीं होगी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को मुंबई में Global Fintech Fest 2026 के दौरान OneTag सर्विस लॉन्च की। इसका उद्देश्य FASTag को बैंक बदलने की प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाना है।

अब पुराना FASTag नहीं बदलना पड़ेगा

अभी तक FASTag से जुड़ा बैंक बदलने के लिए पुराने टैग का अकाउंट बंद करना पड़ता था। इसके बाद नए बैंक के साथ दोबारा ऑनबोर्डिंग कर नया फिजिकल FASTag जारी करवाना पड़ता था।

OneTag के बाद एक ही FASTag स्टिकर को अलग-अलग बैंकों के बीच पोर्ट किया जा सकेगा। यानी बैंक बदलने पर टैग बदलने की झंझट खत्म हो जाएगी।

टोल प्लाजा पर पहले जैसी ही रहेगी प्रक्रिया

FASTag पोर्ट होने के बाद टोल प्लाजा पर किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। वाहन पहले की तरह FASTag के जरिए टोल पार करेगा और रकम अपने आप कट जाएगी।

बैकएंड पर बैंक से जुड़ी जानकारी अपडेट करने का काम National Electronic Toll Collection (NETC) सिस्टम के जरिए होगा। यूजर को टोल प्लाजा पर कोई अतिरिक्त प्रक्रिया नहीं करनी होगी।

प्लास्टिक कचरा और री-इश्यू का खर्च घटेगा

बार-बार नए FASTag जारी करने और पुराने टैग बदलने की जरूरत कम होने से फिजिकल टैग की खपत घटेगी। इससे प्लास्टिक कचरे को कम करने के साथ FASTag के री-इश्यू और डिस्पैच का खर्च भी बचाने में मदद मिलेगी।

NETC और RFID क्या है?

RFID: FASTag में लगी चिप रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए वाहन की पहचान करती है। इसी तकनीक से बिना गाड़ी रोके टोल कलेक्शन संभव होता है।

NETC: NPCI का इंटरऑपरेबल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो FASTag से जुड़े बैंकों, टोल प्लाजा और वाहन मालिकों के बीच लेनदेन को जोड़ता है।

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