कुरुक्षेत्र/रोपड़। राजवीर दीक्षित
(Suspicious death of former minister’s son; body found at farmhouse) हरियाणा के पूर्व मंत्री स्वर्गीय जसविंदर सिंह संधू के बेटे गगनजोत संधू की शुक्रवार को पंजाब के रोपड़ में मौत हो गई। वह पखराली गांव स्थित अपने फार्म हाउस पर पहुंचे थे, जहां बाद में उनका शव मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रोपड़ के सरकारी अस्पताल भेजा गया है।
दो बार रह चुके थे सरपंच
गगनजोत संधू कुरुक्षेत्र के गुमथला गढ़ू गांव से दो बार सरपंच रह चुके थे। उनके पिता जसविंदर सिंह संधू पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे और ओमप्रकाश चौटाला सरकार में कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके थे।
जसविंदर संधू का जनवरी 2019 में लीवर कैंसर के चलते निधन हुआ था।
परिवार में पत्नी और दो बेटे
गगनजोत संधू के परिवार में पत्नी सिमरनजीत कौर और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा स्पेन में शिक्षा हासिल कर रहा है।
कई आपराधिक मामलों में नाम आया
गगनजोत संधू का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई आपराधिक मामलों में सामने आया था। नवंबर 2021 में पिहोवा थाने में फायरिंग और मारपीट से जुड़े दो मामले दर्ज हुए थे। इनमें एक मामले में उन्होंने गिरफ्तारी से पहले हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल की थी, जबकि दूसरे मामले में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में इस मामले में धारा 307 हटाई गई और अगस्त 2023 में समझौता होने की बात सामने आई।
मार्च 2026 में गुमथला गढ़ू में संपत्ति विवाद को लेकर फायरिंग का मामला भी दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस मामले में गगनजोत को गिरफ्तार किया था।
सरपंच से मंत्री तक पहुंची थी पिता की सियासत
जसविंदर सिंह संधू ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत गांव की सरपंची से की थी। 1987 में वे गुमथला गढ़ू के सरपंच चुने गए। इसके बाद 1991 में पहली बार पिहोवा से विधायक बने और 1996 में दोबारा जीत दर्ज की।
वर्ष 2000 में वे तीसरी बार विधायक बने और ओमप्रकाश चौटाला सरकार में कृषि मंत्री रहे। 2005 में चुनाव हारने के बाद उन्होंने 2014 में पिहोवा सीट से वापसी की और चौथी बार विधायक चुने गए। जनवरी 2019 में उनका निधन हो गया।















