द टारगेट न्यूज़:
हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में अवैध शराब की बिक्री और वितरण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएसीबी) ने मंडहाला और कलूझिंडा स्थित दो शराब के ठेकों से भारी मात्रा में भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) जब्त की है। यह शराब पंजाब और चंडीगढ़ में बिक्री के लिए अधिकृत थी। ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि इन ठेकों पर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से लाई गई शराब बेची जा रही है, जो हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम का खुला उल्लंघन है। इस औचक निरीक्षण के लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी साथ लिया गया था। मंडहाला स्थित ठेके की जांच के दौरान चंडीगढ़ और पंजाब में बिक्री के लिए आरक्षित निशान वाली भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। जब्त किए गए स्टॉक में चंडीगढ़ में बिक्री के योग्य 257 पूरी बोतलें, 173 आधी बोतलें और 162 क्वार्टर बोतलें शामिल थीं। इसके अलावा, पंजाब में बिक्री के लिए निर्धारित 107 बीयर की बोतलें और 41 बीयर के डिब्बे भी जब्त किए गए। इसके बाद इसी मालिक के कलूझिंडा स्थित दूसरे शराब के ठेके की तलाशी ली गई, जहां से चंडीगढ़ में बिक्री के लिए रखी गई 354 बोतलें बरामद हुईं। बद्दी स्थित सतर्कता ब्यूरो पुलिस स्टेशन में दोनों ठेकों के सेल्समैन और मालिक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पड़ोसी क्षेत्रों जैसे चंडीगढ़ में शराब की कीमतें 200 से 300 रुपये प्रति बोतल सस्ती होती हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों के ठेकेदार इस अवैध धंधे में संलिप्त हो जाते हैं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के लाइसेंस धारकों को पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक लाइसेंस शुल्क और आबकारी शुल्क चुकाना पड़ता है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने केवल हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 43 के तहत कार्रवाई शुरू की है, जो अपराधी पर जुर्माना लगाती है, जबकि लाइसेंस धारक को अपना ठेका चलाना जारी रखने की अनुमति दी गई है। इस खुलासे से आबकारी विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है, क्योंकि इस अवैध कारोबार से राज्य के राजकोष को भारी नुकसान हो रहा था और स्थानीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस अवैध कारोबार के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य संलिप्त लोगों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अपने आसपास की अवैध गतिविधियों की पहचान करने व रिपोर्ट करने में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे चुप दर्शक न बनकर अवैध शराब व्यापार, मादक पदार्थों की तस्करी, भ्रष्टाचार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें और आश्वासन दिया कि मुखबिर की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।













