द टारगेट न्यूज़:
शिरोमणि अकाली दल (पुनर्रजीत) की कार्यप्रणाली से नाखुश नजर आ रही पूर्व एसजीपीसी प्रमुख और पंजाब की पूर्व मंत्री जागीर कौर एक बार फिर सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) में वापसी करने की तैयारी में हैं। यदि वह ऐसा करती हैं, तो यह दूसरा मौका होगा जब वह एसएडी में दोबारा शामिल होंगी। इससे पहले नवंबर 2022 में एसजीपीसी के अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हरजिंदर सिंह धामी के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद उन्हें एसएडी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद मार्च 2024 में जब सुखबीर बादल कपूरथला के बेगोवाल स्थित डेरा बाबा संत प्रेम सिंह मुरादवाले पहुंचे थे, तब उनकी पार्टी में दोबारा घर-वापसी हुई थी। हालांकि, कुछ महीने बाद उन्होंने एसएडी से रास्ते अलग कर लिए थे और ज्ञानी हरप्रीत सिंह, गुरप्रताप सिंह वडाला, सुखदेव सिंह ढींडसा तथा प्रेम सिंह चंदूमाजरा के साथ मिलकर एसएडी (पुनर्रजीत) का गठन किया था। आगामी संभावित वापसी से पहले उन्हें सुलह का रुख अपनाने को कहा गया है। उम्मीद है कि सुखबीर बादल एक-दो हफ्ते में डेरे का दौरा करेंगे, जिसके दौरान जागीर कौर के पार्टी में शामिल होने की संभावना है। अपनी मंशा का संकेत देते हुए उन्होंने बताया कि वह लगभग 72 वर्ष की हैं और यह उनका आखिरी चुनाव हो सकता है। उनके निर्वाचन क्षेत्रों के समर्थकों का मानना है कि उनका राजनीतिक भविष्य एसएडी (पुनर्रजीत) के साथ सुरक्षित नहीं है और वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस, भाजपा या आप जैसी किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की सोच भी नहीं सकतीं, हालांकि वह एसएडी और भाजपा के बीच गठबंधन के पक्ष में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की कट्टर वफादार रहीं जागीर कौर ने कहा कि उन्होंने पंथक मुद्दों पर मतभेदों के कारण एसएडी से दूरी बनाई थी, लेकिन अब उन्होंने सुखबीर बादल के साथ बातचीत शुरू कर दी है और उन्हें उम्मीद है कि वह अधिकांश मुद्दों को सुलझाने में सफल रहेंगी।













