टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: बिहार की राजनीति में जमुई में हुई हालिया हिंसक घटना ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छेड़ दी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधी बेखौफ हो गए हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
जमुई घटना: विपक्ष का आक्रामक रुख
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि जमुई की घटना ने पूरे बिहार को शर्मसार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है, उससे साफ है कि प्रशासन का इकबाल खत्म हो चुका है। तेजस्वी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले नेता स्थिति को नियंत्रित नहीं कर सकते, तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
क्या बोले तेजस्वी यादव?
बिहार में जंगलराज का नया संस्करण चल रहा है। जमुई की घटना कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह राज्य में व्याप्त अराजकता का जीता-जागता प्रमाण है। सम्राट चौधरी को अपनी विफलता स्वीकार करते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रमुख बिंदु
- जमुई में हुई हिंसक झड़प के बाद सियासी पारा चढ़ा।
- तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल।
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लामबंद।
- कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर चौतरफा दबाव।
फिलहाल, इस मामले पर सत्ता पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मांग के बाद हलचल तेज हो गई है। आगामी दिनों में यह मुद्दा विधानसभा के पटल पर भी गूंजने की पूरी संभावना है।



















