टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, इस परीक्षा की गोपनीयता को भंग करने के लिए आरोपियों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया था। प्रश्न पत्रों को लीक करने के लिए कर्मचारियों ने उन्हें अपने जूतों के अंदर छिपाया था, ताकि सुरक्षा जांच से बचा जा सके।
साजिश का पर्दाफाश: जूतों में छिपाए गए थे पेपर
जांच में पता चला है कि इस पूरे रैकेट में शामिल कुछ कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी का दुरुपयोग करते हुए परीक्षा सामग्री को बाहर निकाला। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवैध काम के लिए शामिल प्रत्येक कर्मचारी को 8,000 रुपये का भुगतान किया गया था। यह खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और आरोपियों से पूछताछ के दौरान परत-दर-परत सच सामने आया।
जांच में और क्या मिला?
- परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए तैनात कर्मचारियों ने ही सेंधमारी की।
- प्रश्न पत्रों को बाहर ले जाने के लिए जूतों का इस्तेमाल किया गया ताकि मेटल डिटेक्टर या सामान्य जांच में वे पकड़े न जाएं।
- प्रत्येक कर्मचारी को इस काम के बदले 8,000 रुपये की रिश्वत दी गई थी।
- इस मामले में कई बड़े अधिकारियों और निजी कोचिंग संस्थानों की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना शिक्षा प्रणाली की सुरक्षा में एक बड़ी चूक है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न केवल भविष्य की परीक्षाओं के लिए एक सबक होगी, बल्कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए भी अनिवार्य है।
फिलहाल, महाराष्ट्र पुलिस की विशेष टीम इस मामले के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। राज्य सरकार ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा प्रक्रिया में और अधिक कड़े सुरक्षा मानकों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।



















