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IIT की नौकरी छोड़ी, कॉफी का कारोबार शुरू किया; आज 95+ स्टोर्स के मालिक

मुंबई। राजवीर दीक्षित 

(Quit an IIT job, started a coffee business; today, the owner of over 95 stores) IIT से पढ़ाई करने के बाद अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू करना आसान फैसला नहीं होता। लेकिन अभिजीत आनंद ने इसी रास्ते को चुना और कॉफी बिजनेस में उतर गए। आज उनका ब्रांड abCoffee दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में 95 से ज्यादा आउटलेट संचालित कर रहा है।

अभिजीत ने IIT धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में बीटेक किया। पढ़ाई के बाद करीब साढ़े 8 साल तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। विदेश में नौकरी के दौरान उन्हें कॉफी पीने की आदत लगी और धीरे-धीरे कॉफी बिजनेस में दिलचस्पी बढ़ती गई।

नौकरी छोड़ने से पहले 20 शहरों में की रिसर्च

2021 में भारत लौटने के बाद अभिजीत ने सीधे बिजनेस शुरू करने के बजाय कॉफी मार्केट को समझने का फैसला किया। उन्होंने 20 शहरों और 12 राज्यों का दौरा किया और करीब 10 हजार लोगों, कैफे संचालकों और किसानों से बातचीत की।

इस रिसर्च के दौरान उन्होंने समझा कि भारत में कॉफी की मांग बढ़ रही है, लेकिन प्रीमियम कॉफी कैफे का खर्च आम ग्राहक की पहुंच से बाहर हो सकता है।

13 लाख की बचत से खोला पहला आउटलेट

अभिजीत ने 2022 में अपनी नौकरी छोड़कर मुंबई के वर्सोवा में abCoffee का पहला आउटलेट शुरू किया। इस आउटलेट को शुरू करने में करीब 13 लाख रुपये खर्च हुए, जिसे उन्होंने अपनी बचत से लगाया।

उनका बिजनेस मॉडल बड़े और महंगे कैफे की जगह छोटे आउटलेट्स पर केंद्रित रहा। इससे महंगे इंटीरियर और बड़े किराये जैसी लागत को कम रखने में मदद मिली।

119 से 209 रुपये के बीच कॉफी-ड्रिंक्स

abCoffee में कॉफी और अन्य ड्रिंक्स की कीमतें करीब 119 से 209 रुपये के बीच रखी गई हैं। कंपनी का फोकस प्रीमियम स्वाद को अपेक्षाकृत किफायती कीमत पर उपलब्ध कराने पर रहा।

शुरुआत में पहला आउटलेट करीब 1 लाख रुपये महीने का कारोबार करता था। आज कंपनी हर महीने लगभग 3.5 लाख कप कॉफी बेचने का दावा करती है।

95+ आउटलेट और 61 करोड़ की फंडिंग

कंपनी ने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में अब तक 95 से ज्यादा आउटलेट्स खोले हैं। हाल ही में abCoffee ने प्री-सीरीज B फंडिंग राउंड में करीब 61 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

कंपनी का लक्ष्य प्रीमियम कॉफी को सिर्फ महंगे कैफे तक सीमित रखने के बजाय उसे लोगों की रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाना है।

स्लमबर्जर से मिला था करीब 30 लाख का पैकेज

अभिजीत मूल रूप से बिहार के जमालपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई जमालपुर से की और इसके बाद IIT धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

2013 में पेट्रोलियम सेक्टर की कंपनी स्लमबर्जर ने उन्हें करीब 30 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी दी थी। इसके बाद उन्होंने भारत और विदेश के कई शहरों में काम किया।

रोमानिया में नौकरी के दौरान कॉफी के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ी। मुंबई लौटने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट करियर को अलविदा कहा और इसी रुचि को कारोबार में बदलने का फैसला किया।

नौकरी से बिजनेस तक का यह सफर बताता है कि सही मार्केट रिसर्च, अलग बिजनेस मॉडल और लगातार मेहनत के दम पर छोटा आउटलेट भी बड़े ब्रांड में बदला जा सकता है।

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