चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(A new directive regarding BLO duties has been issued in Punjab; the Chief Electoral Officer has given strict instructions.) पंजाब में जनगणना की तैयारियां तेज़ हो चुकी हैं, लेकिन इसी बीच एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) पंजाब ने साफ़ शब्दों में आदेश जारी करते हुए कहा है कि बी.एल.ओ. (बूथ लेवल ऑफिसर) को जनगणना ड्यूटी से तुरंत हटाया जाए।
दरअसल, राज्य में जनगणना के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति शुरू हो चुकी थी और कई जगहों पर बी.एल.ओ. को भी इसमें लगा दिया गया था। लेकिन जैसे ही यह मामला मुख्य चुनाव अधिकारी तक पहुंचा, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बी.एल.ओ. केवल चुनावी कार्यों के लिए हैं और उन्हें किसी अन्य कार्य में नहीं लगाया जा सकता।
CEO ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन बी.एल.ओ. को जनगणना में लगाया गया है, उन्हें तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि यदि भविष्य में किसी बी.एल.ओ. को जनगणना में लगाया गया, तो उसे बदलकर किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा।
इस फैसले के पीछे बड़ा कारण है आने वाला SIR (Special Intensive Revision)। चुनाव विभाग के अनुसार, इस समय राज्य भर में वोटर लिस्ट की मैपिंग का काम ज़ोरों पर है। लगभग 80% काम पूरा हो चुका है, लेकिन लक्ष्य इसे 100% तक पहुंचाना है। कई जिलों में यह आंकड़ा अभी 70% से भी कम है, जबकि लुधियाना में यह 60-65% तक ही पहुंच पाया है।
ऐसे में बी.एल.ओ. पहले से ही इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में व्यस्त हैं, और एक साथ दो बड़ी जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं है। यही वजह है कि चुनाव आयोग ने यह सख्त कदम उठाया है।



















