चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Persistent Headache? Don’t Ignore It! It Could Increase the Risk of a Heart Attack “) माइग्रेन को अक्सर एक सामान्य या तेज सिरदर्द की समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल सिर दर्द तक सीमित बीमारी नहीं है। हाल के वर्षों में किए गए कई अध्ययनों में माइग्रेन और हृदय संबंधी बीमारियों के बीच संभावित संबंध की ओर संकेत किया गया है। हालांकि वैज्ञानिक अभी तक यह पूरी तरह साबित नहीं कर पाए हैं कि माइग्रेन सीधे तौर पर हृदय रोग या हार्ट अटैक का कारण बनता है, लेकिन बार-बार माइग्रेन से पीड़ित लोगों में हृदय संबंधी जोखिम अधिक पाए जाने की बात सामने आई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सिरदर्द अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाए, पहले से अलग महसूस हो, बार-बार दोहराया जाए या इसके साथ बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय पर जांच और उपचार कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने में मदद कर सकता है।
माइग्रेन से राहत पाने के लिए पर्याप्त नींद लेना, तनाव को नियंत्रित रखना और नियमित दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी माना जाता है। इसके अलावा उन कारणों की पहचान करना भी महत्वपूर्ण है जो माइग्रेन को ट्रिगर करते हैं, जैसे तेज रोशनी, कुछ विशेष खाद्य पदार्थ, अत्यधिक तनाव या नींद की कमी। भरपूर पानी पीना, संतुलित आहार लेना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन भी फायदेमंद हो सकता है।
यदि माइग्रेन की समस्या लगातार बनी रहती है या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगती है, तो किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है। समय रहते सावधानी बरतकर न केवल माइग्रेन को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से भी बचाव किया जा सकता है।



















