टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कप्तान पैट कमिंस ने हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि भारतीय टीम के खिलाफ खेलते हुए उन्हें सबसे अधिक चुनौती किस बल्लेबाज से मिली। अक्सर चर्चाओं में विराट कोहली, रोहित शर्मा या एमएस धोनी का नाम होता है, लेकिन कमिंस ने एक ऐसे खिलाड़ी को चुना है जिसने अपनी रक्षात्मक तकनीक से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए थे।
चेतेश्वर पुजारा: दीवार बनकर खड़े हुए बल्लेबाज
पैट कमिंस ने दिग्गज भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को अपना सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी करार दिया है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान पुजारा का धैर्य और क्रीज पर टिके रहने की क्षमता ने न केवल कमिंस बल्कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को परेशान किया था। कमिंस के अनुसार, पुजारा का विकेट लेना किसी भी गेंदबाज के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होती थी।
पुजारा का विकेट लेना हमेशा से ही एक बड़ी चुनौती रही है। उनका संयम और क्रीज पर डटे रहने का जज्बा उन्हें अन्य बल्लेबाजों से अलग बनाता है। बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के दौरान उन्होंने जिस तरह से हमारी गेंदबाजी का सामना किया, वह अविश्वसनीय था।
आंकड़े जो पुजारा की महानता बयां करते हैं
चेतेश्वर पुजारा ने अपने टेस्ट करियर में जो छाप छोड़ी है, वह आंकड़ों में साफ झलकती है। उन्होंने भारत के लिए 25 टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 2,074 रन बनाए हैं। उनका औसत 49.38 का रहा है, जो उनकी निरंतरता को दर्शाता है।
अन्य दिग्गज खिलाड़ी भी कमिंस की सूची में
पैट कमिंस ने केवल पुजारा का ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अन्य दिग्गजों का भी जिक्र किया। उन्होंने ब्रेंडन मैकुलम, सईद अजमल, एलिस्टेयर कुक और एबी डिविलियर्स को भी उन खिलाड़ियों में गिना है जिन्होंने अपने करियर के दौरान उन्हें कड़ी चुनौती दी है।
- चेतेश्वर पुजारा का टेस्ट औसत 49.38 रहा है।
- कमिंस ने पुजारा की रक्षात्मक तकनीक को ‘अभेद्य’ बताया।
- बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पुजारा का प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ था।
कमिंस का यह बयान स्पष्ट करता है कि आधुनिक क्रिकेट में केवल आक्रामक शॉट ही नहीं, बल्कि धैर्य और तकनीक का भी अपना एक विशेष स्थान है। पुजारा की यह पहचान उन्हें क्रिकेट के इतिहास में एक ‘दीवार’ के रूप में हमेशा याद रखेगी।



















