Home India महिला वकीलों को बुनियादी सुविधाएं दें, SC का राज्यों को सख्त आदेश

महिला वकीलों को बुनियादी सुविधाएं दें, SC का राज्यों को सख्त आदेश

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित 

 

(Provide basic facilities to female lawyers, SC issues strict directive to states) सुप्रीम कोर्ट ने महिला वकीलों की सुविधाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जिला व तहसील अदालतों में महिला बार रूम, वॉशरूम और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए बजट आवंटित करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि महिला वकीलों की संख्या कम होने के आधार पर भी इन सुविधाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने महिला बार रूम की कमी पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जहां भी महिला वकील प्रैक्टिस कर रही हैं, वहां उनके लिए सभी जरूरी सुविधाओं से युक्त अलग बार रूम सुनिश्चित करना हाईकोर्ट और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।

जमीन और बजट की कमी का बहाना नहीं चलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त बजट या जमीन की जरूरत हो, तो भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने होंगे। अदालत ने कहा कि इस निर्देश का पालन अनिवार्य है।

पीठ ने यह टिप्पणी महिला वकीलों के एक समूह की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिका में देशभर की अदालतों, न्यायाधिकरणों और आयोगों में महिला वकीलों के लिए पर्याप्त बार रूम और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया गया था।

महिला वकीलों की गरिमा और समान अवसर पर जोर

शीर्ष अदालत ने कहा कि महिला वकीलों को सुरक्षित और समान परिस्थितियों में पेशेवर जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलना चाहिए। बुनियादी सुविधाओं की कमी को केवल सहूलियत का मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तारीख तय की है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को महिला वकीलों के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाने होंगे।

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