जालंधर। राजवीर दीक्षित
(Punjabi teenage girl shot dead in Canada) कनाडा के एडमोंटन में 16 वर्षीय पंजाबी किशोरी की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद वह गंभीर हालत में मिली थी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडमोंटन पुलिस की होमिसाइड टीम ने जांच अपने हाथ में ले ली है।
पुलिस ने फिलहाल पीड़िता की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, परिवार के रिश्तेदारों ने उसकी पहचान जैजमिन के रूप में की है। वह अपनी मां और दो छोटे भाई-बहनों के साथ रहती थी। परिवार ने उसकी मां और छोटे भाई-बहनों की आर्थिक मदद के लिए ऑनलाइन फंडरेजर अभियान शुरू किया है।
सुबह करीब 7 बजे मिली गोलीबारी की सूचना
जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त की सुबह करीब 6:50 बजे एडमोंटन पुलिस सर्विस को 139 एवेन्यू और 32 स्ट्रीट के पास गोलीबारी की सूचना मिली। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो किशोरी गंभीर रूप से घायल हालत में मिली। मेडिकल सहायता देने के प्रयास किए गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
पुलिस ने मामले को फिलहाल संदिग्ध मौत के तौर पर लिया है और जांच जारी है।
मौत से एक रात पहले पार्किंग में हुआ था विवाद
बताया जा रहा है कि घटना से एक रात पहले करीब 11 बजे पार्किंग लॉट में कुछ लोगों के बीच बहस हुई थी। इस दौरान मौत की धमकी से जुड़ी डोरबेल वीडियो सामने आने की बात भी कही जा रही है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस विवाद या डोरबेल वीडियो का किशोरी की गोली लगने से हुई मौत के साथ कोई संबंध आधिकारिक तौर पर नहीं जोड़ा है।
परिवार ने बताया- सपनों से भरी थी जैजमिन
परिजनों ने जैजमिन को याद करते हुए बताया कि वह हंसमुख और सपनों से भरी लड़की थी। दोस्तों के बीच वह काफी लोकप्रिय थी और अपने छोटे भाई-बहनों के बेहद करीब थी।
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए रिश्तेदारों ने ऑनलाइन फंडरेजर शुरू किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अभियान को अधिक से अधिक शेयर करें और परिवार के इस मुश्किल समय में आर्थिक मदद करें।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
एडमोंटन पुलिस के होमिसाइड सेक्शन ने जांच शुरू कर दी है। अभी तक पुलिस ने किसी संदिग्ध का नाम, गिरफ्तारी या गोलीबारी की वजह का खुलासा नहीं किया है।
पुलिस के मुताबिक, चीफ मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय की ऑटोप्सी रिपोर्ट के बाद ही मौत के सटीक कारण और परिस्थितियों की पुष्टि हो सकेगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि मामले को आधिकारिक तौर पर हत्या के रूप में वर्गीकृत किया जाए या नहीं।
फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ, उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



















