चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(CBSE Result Controversy) CBSE कक्षा 12 के रिजल्ट को लेकर देशभर में छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन यानी री-इवैल्यूएशन की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि डिजिटल जांच के दौरान परीक्षकों द्वारा दिए गए नंबर और CBSE वेबसाइट पर अपलोड किए गए कुल अंक आपस में मेल नहीं खा रहे।
सूत्रों के मुताबिक, लुधियाना स्थित CBSE क्षेत्रीय कार्यालय में अलग-अलग विषयों और स्ट्रीम्स के लिए अब तक 17 हजार से ज्यादा री-इवैल्यूएशन आवेदन पहुंच चुके हैं, जिससे भारी बैकलॉग पैदा हो गया है।
बताया जा रहा है कि शिक्षकों की भारी कमी के कारण री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही है। शिक्षकों को उनके विषयों की कॉपियां तैयार होने पर क्षेत्रीय केंद्र बुलाया जा रहा है। इस देरी से छात्रों और शिक्षकों दोनों में तनाव का माहौल है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए कई तकनीकी गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। कुछ छात्रों ने दावा किया कि उनकी उत्तर पुस्तिका के पोर्टल पर एक ही पेज को दो बार अपलोड कर दिया गया, जबकि कई जरूरी पेज गायब मिले।
इसके अलावा छात्र सर्वर की दिक्कतों और धुंधली डिजिटल कॉपियों से भी परेशान हैं, जिसके कारण वे अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की सही तरीके से जांच नहीं कर पा रहे।
CBSE लुधियाना के क्षेत्रीय अधिकारी संजय बिष्ट ने कहा कि उन्हें री-इवैल्यूएशन आवेदनों की सटीक संख्या की जानकारी नहीं है, लेकिन बोर्ड के निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया चलाई जा रही है।
वहीं, शिक्षक भी इस स्थिति से नाराज दिखाई दे रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया कि पहले मूल्यांकन के दौरान भी काफी परेशानी हुई थी और अब भीषण गर्मी में री-चेकिंग के लिए क्षेत्रीय कार्यालय बुलाया जा रहा है।
एक छात्रा ने बताया कि उसे री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन इसलिए करना पड़ा क्योंकि उसकी उत्तर पुस्तिका में दिए गए व्यक्तिगत अंकों का कुल जोड़ सही तरीके से नहीं किया गया था।



















