द टारगेट न्यूज डेस्क।
(“Punjab Minister Sanjeev Arora Bail Hearing Postponed Till September 3”) पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लेकर चल रहे कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को बड़ा अपडेट सामने आया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर तुरंत फैसला देने के बजाय सुनवाई 3 सितंबर तक के लिए टाल दी है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले जांच की प्रगति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाए। इसी रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट यह तय करेगा कि संजीव अरोड़ा को जमानत दी जाए या उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रखा जाए।
फिलहाल संजीव अरोड़ा गुरुग्राम जेल में बंद हैं। इससे पहले जून महीने में गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उस दौरान ED ने अदालत में दलील दी थी कि मामला बेहद गंभीर है और जांच अभी जारी है, इसलिए आरोपी को राहत नहीं दी जानी चाहिए।
ED ने 9 मई 2026 को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई कथित फर्जी GST बिलिंग और निर्यात धोखाधड़ी से जुड़े 100 करोड़ रुपये से अधिक के मामले में की गई थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि संजीव अरोड़ा समेत कुछ अन्य लोगों ने शेल कंपनियों का नेटवर्क बनाकर मोबाइल फोन कारोबार के नाम पर फर्जी लेनदेन दिखाए। इन कंपनियों के जरिए कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस तैयार किए गए, जिनके आधार पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और GST रिफंड हासिल किया गया। ED का यह भी दावा है कि कुछ रकम दुबई भेजी गई और बाद में राउंड-ट्रिपिंग के जरिए भारत वापस लाई गई। ये सभी आरोप ED द्वारा लगाए गए हैं और फिलहाल जांच जारी है। हालिया छापेमारी में मिले डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की भी एजेंसी जांच कर रही है। अब सभी की नजर 3 सितंबर की सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत ED की रिपोर्ट देखने के बाद अगला महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगी।



















