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रंगदारी नहीं मिली तो स्कैन सेंटर पर बरसाईं गोलियां, गैंगस्टर कनेक्शन वाले दो आरोपी गिरफ्तार

रूपनगर (रोपड़) । राजवीर दीक्षित

(Gunfire at Scan Center Over Extortion Demand; Two Accused With Gangster Links Arrested)पुलिस ने नूरपुर बेदी स्थित श्री गणेश स्कैन सेंटर पर हुई फायरिंग के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इसे गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लुधियाना के जमालपुर स्थित जड़ियाली गांव निवासी करण अरोड़ा उर्फ लड्डू तथा बिहार के मधेपुरा जिले के संगेसर क्षेत्र के नया टोला निवासी विक्की कुमार रवानी उर्फ भुवन के रूप में हुई है।

मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मनींदर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर रंगदारी की मांग पूरी न होने पर स्कैन सेंटर पर फायरिंग की थी। यह घटना 30 मई की रात को हुई थी।

एसएसपी के अनुसार, एसबीएस नगर निवासी और श्री गणेश स्कैन सेंटर के मालिक संदीप कुमार ने 31 मई को पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज करवाई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने नूरपुर बेदी स्थित उनके स्कैन सेंटर के शटर पर गोलियां चलाई हैं।

बताया गया कि यह संस्थान पिछले दो महीनों से अधिक समय से बंद पड़ा था। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो शटर पर गोलियों के निशान मिले और परिसर के बाहर से खाली कारतूस भी बरामद किए गए।

शिकायत के आधार पर थाना नूरपुर बेदी में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले की जांच के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 8 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए उनका पुलिस रिमांड हासिल किया गया।

एसएसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने इससे पहले भी एसबीएस नगर में फिरौती भरे फोन कॉल और रंगदारी की मांग को लेकर अलग शिकायत दर्ज करवाई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर गैंगस्टर रोहित गुड़ारा और रवि बलाचौरिया के संपर्क में थे।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और पैसों की लालच में इस फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक 30 बोर पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस और पीबी10सीआर-4464 नंबर का मोटरसाइकिल बरामद किया गया है।
एसएसपी ने यह भी खुलासा किया कि मुख्य आरोपी करण अरोड़ा का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह इन मामलों में लंबे समय से फरार भी चल रहा था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ के दौरान आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।

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