कांगड़ा । राजवीर दीक्षित
(Sensational case of minor’s murder: Mother and lover sentenced to life imprisonment) कांगड़ा जिले के शाहपुर में चार साल की बच्ची की हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज शीतल शर्मा की अदालत ने सोनू कुमार और अनीता देवी को दोषी करार देते हुए दोनों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
घटना की शुरुआत 26 जुलाई 2024 को हुई, जब बच्ची के लापता होने की शिकायत पुलिस के पास पहुंची। शिकायत मिलने के बाद शाहपुर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान बच्ची के अनीता देवी के साथ होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं तो बच्ची की हत्या का गंभीर खुलासा हुआ। इसके बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और अब अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
एक बेटी की जिंदगी खत्म हुई, जांच शुरू हुई और जैसे-जैसे राज खुलते गए, मामला और भी हैरान करने वाला होता चला गया। पुलिस के अनुसार, इस हत्या की साजिश में कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतका की मां अनीता देवी और सोनू कुमार शामिल थे। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने मिलकर लड़की का गला घोंटकर उसकी हत्या की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और मृतका का शव भी बरामद कर लिया। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल को खंगाला और वहां से कपड़े, सैंडल, पत्थर समेत कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। जांच में सामने आए साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया। सबूतों और मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराया। दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और साथ ही 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इस फैसले ने साफ कर दिया कि अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं है।



















