चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Serial killer convicted of rape and murder of elderly woman) जिला अदालत ने कथित सीरियल किलर मोनू कुमार को 60 वर्षीय महिला से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इस मामले में अदालत 15 सितंबर को सजा सुनाएगी। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
मोनू कुमार के खिलाफ सामने आए हत्या के मामलों में यह एक और बड़ी अदालती कार्रवाई है। इससे पहले उसे चंडीगढ़ की 21 वर्षीय एमबीए छात्रा और मलोया की 40 वर्षीय महिला की हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मलोया हत्याकांड में उसकी यह तीसरी उम्रकैद थी।
DNA से खुला 14 साल पुराना राज
मोनू कुमार का नाम सबसे पहले 2010 में 21 वर्षीय एमबीए छात्रा की हत्या के मामले में सामने आया था। लंबे समय तक यह मामला अनसुलझा रहा। बाद में पुलिस ने पुराने साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों के डीएनए नमूनों की जांच की और मोनू तक पहुंची। डीएनए मिलान के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में पुराने मामलों का खुलासा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में मोनू पर अन्य महिलाओं की हत्या से जुड़े मामलों में भी संलिप्तता सामने आई। 11 जनवरी 2022 को मलोया की 40 वर्षीय महिला घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। अगले दिन उसका शव जंगल क्षेत्र में मिला था। जांच के दौरान जुटाए गए डीएनए साक्ष्यों ने पुलिस को मोनू तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
अब 60 वर्षीय महिला मामले में फैसला
पुलिस के मुताबिक, तीसरे मामले में भी मोनू के खिलाफ वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट अदालत में पेश की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया है।
अब सभी की नजरें 15 सितंबर को होने वाली सजा पर हैं। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी को अधिकतम सजा देने की मांग की है।
नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में मोनू कुमार से जुड़े मामलों की संख्या और कुछ पीड़ितों के विवरण में अंतर मिलता है, इसलिए खबर में अदालती रूप से स्थापित तथ्यों को प्राथमिकता दी गई है।



















