(Significant 26% drop in Rabi sowing! Oilseeds and paddy lag behind) देश में रबी फसलों की बुवाई की रफ्तार शुरुआती चरण में धीमी बनी हुई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर तक रबी फसलों की बुवाई का क्षेत्र घटकर 3.43 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 4.65 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। इस तरह बुवाई क्षेत्र में करीब 26.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
इस गिरावट की प्रमुख वजह तिलहन और धान की बुवाई में कमी है। हालांकि, दलहन की बुवाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई इस अवधि तक शुरू नहीं हुई थी।
तिलहन की बुवाई में बड़ी कमी
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, तिलहन का बुवाई क्षेत्र पिछले साल के 3.11 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.29 लाख हेक्टेयर रह गया। तिलहन में प्रमुख स्थान रखने वाली सरसों और रेपसीड की बुवाई भी प्रभावित रही। इनका क्षेत्र 3.10 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.26 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया।
वहीं, धान की बुवाई का क्षेत्र 1.34 लाख हेक्टेयर से गिरकर 0.88 लाख हेक्टेयर रह गया। यह करीब 34.4 प्रतिशत की कमी है। इस अवधि में केरल और तमिलनाडु में धान की बुवाई शुरू हुई थी।
दलहन की बुवाई में राहत
तिलहन और धान के विपरीत दलहन की बुवाई में बढ़ोतरी देखने को मिली। दलहन का क्षेत्र पिछले साल के 0.10 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 0.15 लाख हेक्टेयर हो गया।
चना की बुवाई 0.0005 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 0.059 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई। मसूर और उड़द की बुवाई में भी बढ़ोतरी हुई, हालांकि इन फसलों की बुवाई अभी शुरुआती चरण में है।
मोटे अनाज की बुवाई लगभग स्थिर
श्री अन्न और मोटे अनाज का कुल बुवाई क्षेत्र 0.10 लाख हेक्टेयर से मामूली बढ़कर 0.105 लाख हेक्टेयर रहा। इसमें ज्वार का क्षेत्र 0.08 लाख हेक्टेयर और मक्का का 0.02 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया। जौ की बुवाई भी कुछ राज्यों में शुरू हो चुकी थी और इसका क्षेत्र 0.005 लाख हेक्टेयर रहा।
रबी तिलहन में मूंगफली की बुवाई 0.01 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 0.03 लाख हेक्टेयर हो गई। इसके विपरीत अलसी का क्षेत्र 0.00263 लाख हेक्टेयर से घटकर 0.00076 लाख हेक्टेयर रह गया।
गेहूं की बुवाई का इंतजार
गेहूं रबी सीजन की प्रमुख फसल है, जिसका सामान्य बुवाई क्षेत्र 315.24 लाख हेक्टेयर है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 16 अक्टूबर तक इसकी बुवाई शुरू नहीं हुई थी।
फिलहाल रबी सीजन शुरुआती चरण में है और कई फसलों की बुवाई अभी बाकी है। आने वाले दिनों में बुवाई का रकबा किस रफ्तार से बढ़ता है, इस पर कृषि क्षेत्र की नजर रहेगी।

















