चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab May End Contract Hiring System for Group C & D Posts, Cabinet Set to Take Big Decision “) पंजाब सरकार आज एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला ले सकती है, जिसका सीधा असर हजारों कर्मचारियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में ग्रुप-सी और ग्रुप-डी पदों पर चल रही ठेकेदारी व्यवस्था को खत्म करने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। यदि यह फैसला मंजूर हो जाता है तो भविष्य में इन पदों पर भर्ती सीधे सरकार द्वारा की जाएगी।
सरकार लंबे समय से ठेका कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाती रही है। आम आदमी पार्टी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हजारों कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का ऐलान किया था। इसके बाद विभिन्न चरणों में संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब सरकार भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। प्रस्ताव के तहत विभागों में आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी मॉडल को सीमित करते हुए सीधी सरकारी भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे युवाओं को स्थायी रोजगार के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पंजाब सरकार का दावा है कि अपने कार्यकाल के दौरान वह 65 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है। सरकार का कहना है कि रोजगार सृजन उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और नई नीति से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन इस संभावित निर्णय ने राज्य की राजनीति और रोजगार जगत में हलचल पैदा कर दी है। लाखों युवाओं की नजरें अब कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला पंजाब में सरकारी भर्ती व्यवस्था की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है।



















