चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Himachal Entry Tax Dispute Reaches Centre; BJP Leader Seeks Union Minister’s Intervention)हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगाए गए एंट्री टैक्स का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। भाजपा रोपड़ जिला अध्यक्ष अजयवीर सिंह लालपुरा ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा से मुलाकात कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की।
मुलाकात के दौरान अजयवीर सिंह लालपुरा ने कहा कि यह केवल कर वसूली का मामला नहीं है, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लाखों लोगों के दैनिक जीवन, व्यापार और आर्थिक हितों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच वर्षों से सामाजिक, व्यावसायिक और रोजगार संबंधी मजबूत रिश्ते रहे हैं, लेकिन अतिरिक्त एंट्री टैक्स ने यात्रियों, व्यापारियों और परिवहन कारोबारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल दिया है।
लालपुरा ने बताया कि रोपड़, नंगल और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग रोज़गार, व्यापार, उद्योग, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रतिदिन हिमाचल प्रदेश आते-जाते हैं। उन्होंने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस फैसले ने दोनों राज्यों के लोगों के बीच अनावश्यक बाधाएं खड़ी कर दी हैं। यह निर्णय राष्ट्रीय एकता, आर्थिक विकास और निर्बाध आवागमन की भावना के विपरीत है। उन्होंने केंद्र सरकार से जनहित में इस मामले में हस्तक्षेप कर यात्रियों और कारोबारियों को राहत दिलाने की मांग की।
अजयवीर सिंह लालपुरा के अनुसार, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम जनता के हितों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे का निष्पक्ष और उचित समाधान निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
गौरतलब है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में यह मुद्दा पिछले कई महीनों से राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हिमाचल सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले कई श्रेणी के वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ा दिया था, जिसके बाद विशेष रूप से नंगल-रोपड़ क्षेत्र के व्यापारियों, उद्योगपतियों, परिवहन कारोबारियों और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। व्यापक विरोध और राजनीतिक दबाव के बाद हिमाचल सरकार ने कुछ श्रेणी के वाहनों के लिए टैक्स में आंशिक राहत दी, लेकिन एंट्री टैक्स पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया।
राजनीतिक दलों, व्यापारिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों से एंट्री टैक्स वसूलना स्वतंत्र आवागमन की भावना के खिलाफ है। उनका तर्क है कि इससे अंतरराज्यीय व्यापार, पर्यटन और हजारों लोगों की रोज़मर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
इस मुद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों ने हिमाचल सीमा पर प्रदर्शन भी किए हैं और एंट्री टैक्स को पूरी तरह समाप्त करने की मांग उठाई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह टैक्स क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को कमजोर करता है, इसलिए केंद्र सरकार को शीघ्र हस्तक्षेप कर इस विवाद का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।



















