कांगड़ा । राजवीर दीक्षित
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के चंबेरा गांव निवासी ईश्वर दास और उनकी पत्नी विमला देवी ने अपनी बहू रंजना कुमारी के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए यह सराहनीय कदम उठाया। रंजना के पति राजिंदर कुमार की करीब डेढ़ वर्ष पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरा परिवार गहरे दुख में डूब गया था।
पति के निधन के बाद ईश्वर दास और विमला देवी ने रंजना का हर कदम पर साथ दिया। उन्होंने समाज की परंपराओं और रूढ़ियों से ऊपर उठकर बहू की खुशियों और भविष्य को प्राथमिकता दी। शनिवार को पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रंजना का पुनर्विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान ईश्वर दास ने पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान की रस्म निभाई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी शादी की सभी रस्मों में शामिल हुए।
रंजना के देवर इंदर कुमार और सुरिंदर पाल ने भी विवाह समारोह की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नवविवाहित दंपति को गृहस्थी का सामान भेंट कर नए जीवन की शुभकामनाएं दीं।
विदाई के दौरान भावुक माहौल ने गांव के लोगों की आंखें नम कर दीं। ग्रामीणों ने परिवार की संवेदनशील सोच और मानवीय पहल की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि यह कदम साबित करता है कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, सम्मान और इंसानियत से भी बनते हैं।
परिवार के इस फैसले ने पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया है। लोगों का मानना है कि विधवा महिलाओं को सम्मान के साथ नया जीवन शुरू करने का अवसर मिलना चाहिए और समाज को ऐसी प्रेरणादायक पहल का समर्थन करना चाहिए। यह घटना सामाजिक बदलाव और मानवीय मूल्यों की एक अनूठी मिसाल बन गई है।



















